बिहार के 12 शहरों में ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी, सम्राट सरकार का फैसला
बिहार सरकार ने 11 शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप डेवलप करने के लिए जमीन-खरीद बिक्री पर लगी रोक को हटा दिया है।
-1786546994460_m.webp)
कैबिनेट में प्रस्तावों को मिली मंजूरी। (सोशल मीडिया)
HighLights
रूफटॉप सोलर पर राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी।
गयाजी सहित चार शहरों में लगेंगे कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट।
सेटेलाइट टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में विकसित की जा रही ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप में विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हट जाएगी।
नगर विकास विभाग के इस प्रस्ताव को बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके बाद जमीन मालिक तय नियमों के तहत अपनी जमीन बेच या दूसरे के नाम कर सकेंगे।
कैबिनेट सचिव मो. सोहेल ने बताया कि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन के लेन-देन पर रोक प्रभावी नहीं रहेगी।
वहीं, विकास योजना के प्रारूप के प्रकाशन के बाद बिहार नगर विकास प्राधिकरण को रोक हटाने का अधिकार होगा। टाउनशिप में जमीन का विकास और भवन निर्माण विकास योजना तथा संबंधित विकास नियंत्रण नियमों के अनुसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की है, जिस पर काम शुरू कर दिया गया है।
इसमें पटना, सोनपुर, छपरा, सीतामढ़ी, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर, गयाजी और रोहतास के डेहरी में सेटेलाइट सिटी बसाई जानी है।
इस साल अप्रैल में हुई इस घोषणा के बाद से ही पाटलिपुत्र समेत सभी टाउनशिप की जमीन-खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। अभी सिर्फ पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए जमीन-खरीद बिक्री करने की अनुमति मिली है। अन्य टाउनशिप के प्रारूप का काम जारी है।
राज्य में कुल 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं होगा कि खरीदार अपनी जमीन पर मनमाने तरीके से निर्माण कर सकेगा।
भूमि विकास और भवन निर्माण को बिहार नगर विकास प्राधिकरण की विकास योजना तथा उससे जुड़े विकास नियंत्रण विनियमन (डीसीआर) के तहत नियंत्रित किया जाएगा।
भवन निर्माण, भू-उपयोग, सड़क, खुला क्षेत्र और अन्य विकास गतिविधियों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। इनमें पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना का प्रारूप प्रकाशित हो चुका है।
सरकार ने यहां जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक पहले ही हटा दी है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पाटलिपुत्र टाउनशिप के पूरे क्षेत्र, कोर क्षेत्र समेत, में अब जमीन के क्रय-विक्रय पर कोई रोक नहीं है। इसकी सूचना पटना के समाहर्ता-सह-जिला निबंधक को दे दी गई है।
रूफटॉप सोलर योजना पर मिलेगी एक्सट्रा मदद
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले बिजली उपभोक्ताओं को केंद्र के साथ राज्य सरकार से भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृत दी गई। बैठक में गयाजी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ नगर निगम में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। बैठक में कुल 10 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
अतिरिक्त सहायता से लोगों को बड़ी राहत
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सचिव मो. सोहेल ने बताया कि किलोवाट तक का सोलर रूफटॉप लगाने वालों को कुल कुल 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसमें केंद्र के 30 हजार जबकि राज्य के 10 हजार रुपये शामिल होंगे। इसी प्रकार दो किलोवाट में कुल 80 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसमें केंद्र के 60 हजार व राज्य के 20 हजार रुपये शामिल होंगे। तीन किलो वाट या इससे अधिक के कनेक्शन पर कुल 98 हजार रुपये मिलेंगे। इसके केंद्र के 78 हजार व राज्य के 20 हजार शामिल होंगे।
कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के लिए 10-10 एकड़ जमीन
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने गया जी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ नगर निगम में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट लगाने की मंजूरी दी है।
इसके लिए संबंधित कंपनियों को प्रत्येक नगर निकाय में 10 एकड़ भूमि 25 वर्षों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। गयाजी में इंडियन यलआ, मुजफ्फरपुर में गेल, भागलपुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम और बिहारशरीफ में भारत पेट्रोलियम प्लांट लगाएगा।
भारतनेट से गांवों को मिलेगी इंटरनेट सेवा
मंत्रिमंडल ने भारतनेट के तहत राइट आफ वे से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधित योजना में 99 प्रतिशत नेटवर्क अप-टाइम का लक्ष्य है। समझौता के तहत प्रदेश के गांवों और पंचायतों में विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, पुलिस थाने समेत घरों तक भारत नेट के तहत फाइबर इंटरनेट पहुंचाया जाएगा।
ग्रिड उपकेंद्रों के लिए 221 नए पद सृजित
मंत्रिमंडल ने बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के ग्रिड उपकेंद्रों के लिए 221 नए पद सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।
इनमें विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता, प्रधान अग्रजन, अग्रजन और तकनीकी श्रेणी के पद शामिल हैं।
यह भी पढ़ें- रूफटॉप सोलर पर कैबिनेट की मंजूरी, बिहार में उपभोक्ताओं को 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त मदद; 3 किलोवाट पर 98 हजार तक लाभ
