पटना, राज्‍य ब्‍यूराे। विभिन्न वार्डों के विकास कार्यों के लिए गठित वार्ड समिति की लापरवाही पर अंकुश के लिए सरकार ने नई व्यवस्था बना दी है। अब वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष (वार्ड सदस्य) की लापरवाही या अकर्मण्यता पर संबंधित ग्राम पंचायत के उप मुखिया एवं समिति के सदस्य सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से समिति के बैंक खातों को संचालित किया जा सकेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक में बिहार वार्ड सभा तथा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति कार्य संचालन नियमावली, 2017 के नियम 16 को संशोधित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। आज की बैठक में कुल 20 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। 

बिहार कैबिनेट के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि ग्राम सभा स्तर पर दो प्रमुख योजनाएं संचालित हो रही है। हर घर नल का जल और पक्की नाली, गली योजना। इन दोनों में वार्ड समिति के स्तर पर काफी लापरवाही हो रही थी। जिसके बाद यह फैसला हुआ है कि प्रबंध समिति के अध्यक्ष काम में रुचि नहीं लेते हैं या फिर लंबे समय से बाहर रहते हैं तो ऐसी स्थिति में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अनुशंसा पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा समिति के खाते का संचालन संबंधित ग्राम पंचायत के उप मुखिया एवं समिति के सदस्य सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जा सकेगा। 

मंत्री रख सकेंगे 40 हजार का मोबाइल  

प्रदेश सरकार के मंत्री और राज्य मंत्री अब 23 लाख रुपये तक की कार और 40 हजार रुपये तक के मोबाइल का उपयोग कर सकेंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने मंत्री और राज्य मंत्री के उपयोग के लिए वाहन और मोबाइल खरीदने की सुविधा में संशोधन को मंजूरी दी है। प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि पहले मंत्री अधिकतम आठ हजार रुपये तक का मोबाइल रख सकते थे। वाहनों में सिर्फ दो ही विकल्प थे। अंबेसडर या फिर स्कॉर्पियो। नई व्यवस्था में अब मंत्री, राज्य मंत्रियों को मोबाइल के लिए 40 हजार और वाहनों के लिए 23 लाख रुपये मिलेंगे। मंत्री, राज्य मंत्री अपनी सुविधा के मुताबिक 23 लाख रुपये की दर पर कोई भी वाहन खरीद सकेंगे। लेकिन, वाहन सफेद या इससे मिलते-जुलते रंग के ही होने चाहिए। 

विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में भी लागू होगा एनपीएस 

प्रदेश के विश्वविद्यालय और उनके अंगीभूत कॉलेजों में भी अब नई पेंशन स्कीम लागू होगी। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नई अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई। विश्वविद्यालयों में हालांकि एनपीएस लागू है। लेकिन कोर्ट का आदेश था कि विश्वविद्यालयों में नई अंशदायी पेंशन योजना के लिए अलग से नियम प्रारूप बनाया जाए। कोर्ट के आदेश पर अब विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए नियम प्रारूप बनाया गया है। एक सितंबर, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी नई पेंशन स्कीम के दायरे में आएंगे। 

अब प्रमाणपत्र और अनुभव के आधार पर आयुष डॉक्टरों की नियुक्त 

पटना के शेखपुरा स्थिति इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में जल्द ही 12 सौ बेड का नया अस्पताल भवन बनेगा। जिस पर तकरीबन 513.21 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही प्रदेश में अब आयुष डॉक्टरों की नियुक्त के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी। आयुष डॉक्टरों की भर्ती उनके प्रमाणपत्र और अनुभव के आधार पर होगी। 

अनुभव व प्रमाणपत्र पर होगी आयुष डॉक्टरों की नियुक्ति 

कैबिनेट ने बैठक में आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति एवं सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2019 को भी मंजूरी दी है। इस नियमावली के प्रभावी होने के बाद आयुष डॉक्टरों की संविदा या नियमित नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से ना होकर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से होगी। भर्तियां सीधी और अनुभव व प्रमाणपत्र के आधार पर होंगी। मेधा सूची के आधार पर अभ्यर्थी का चयन होगा। कैबिनेट के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि सौ अंकों के आधार पर मेधा सूची बनेगी। इसमें 60 अंक स्नातक डिग्री के लिए दिए जाएंगे। स्नातकोत्तर डिग्री के लिए 15 अंक और 25 अंक पूर्व के अनुभव के लिए दिए जाएंगे। इस सीधी नियुक्ति में इंटरव्यू नहीं होगा। 

2732 बेड क्षमता का हो जाएगा आइजीआइएमएस 

मंत्रिमंडल द्वारा आइजीआइएमएस में 12 सौ बेड के नए अस्पताल भवन के बनने के बाद इस अस्पताल की कुल क्षमता 2732 बेड की हो जाएगी। वर्तमान में इस अस्पताल की क्षमता 1032 बेड की है। 500 बेड का एक नया भवन यहां बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 12 सौ बेड़ का नया भवन बनेगा। जिस दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। 

स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के लिए 30 पद सृजन का प्रस्ताव मंजूर 

स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य प्रस्ताव पर विचार करने के बाद मंत्रिमंडल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के संचालन के लिए राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति में 30 अतिरिक्त पद सृजन की मंजूरी भी दी। इन 30 पदों के सृजन से सरकार को प्रतिवर्ष तकरीबन 18.3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करना होगा। मंत्रिमंडल ने राजकीय आरबीटीएस होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मुजफ्फरपुर में स्नातकोत्तर की पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए तीन विषयों के लिए शैक्षणिक संवर्ग में प्राध्यापक के तीन पदों के सृजन की मंजूरी भी दी है। 

पशु विज्ञान विवि कर्मियों के एनपीएस में सरकार ने बढ़ाया अंशदान 

नई अंशदायी पेंशन योजना के तहत राज्य में स्थापित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना एवं इसके अधीनस्थ संस्थानों के कर्मचारियों को विश्वविद्यालय अंशदान की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रशित कर दिया गया है। मंगलवार को मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।  

12वीं पास भी चला सकेंगे वाहन प्रदूषण जांच केंद्र

राज्य में बढ़ते प्रदूषण की एक बड़ी वजह है वाहन। वाहन वायु गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव डाल रहे हैं। इससे बचाव के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब यह फैसला हुआ है कि अधिक से अधिक वाहन प्रदूषण जांच केंद्र या मोबाइल जांच केंद्र खोले जाएं। इसके लिए सरकार ने अब यह फैसला किया है कि विज्ञान विषय से 12 पास व्यक्ति भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र चला सकेंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने बिहार मोटर वाहन नियमावली 2019 के गठन को मंजूरी दी। 

सहायक अवर निरीक्षण की बहाली में शॉर्ट हैंड की परीक्षा 

मंत्रिमंडल ने बिहार पुलिस आशु संवर्ग नियमावली 2017 में आशु सहायक अवर निरीक्षक परीक्षा के प्रावधानों में संशोधन कर दिया है। संशोधन के बाद अब अभ्यर्थियों को पीटी और मेंस परीक्षा नहीं सिर्फ शॉर्ट हैंड की परीक्षा देनी होगी। 

अन्य फैसले 

  • न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को यदि सरकारी फ्लैट नहीं मिलता है तो वे बाजार दर पर किराए का फ्लैट लेकर रह सकेंगे। इसकी प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाएगी। 
  • नॉर्थ व साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बाजार से ले सकेंगी 1050 करोड़ की कार्यशील पूंजी ऋण
  • बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर
  • बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी के अधीन विभिन्न कार्यालयों के लिए 56 पदों को फ्लोटिंग पद के तौर पर रखने की मंजूरी
  • अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत कलेक्ट्रेट के नियंत्रण में 75 उच्च वर्गीय और 75 निम्न वर्गीय लिपिक के पद सृजन की मंजूरी
  • बिहार तकनीकी सेवा आयोग विनियमावली 2019 के प्रारूप को मंजूरी
  • वाल्मीकिनगर मुख्य पश्चिमी नहर प्रमंडल के पुर्नस्थापन कार्य में आठ करोड़ के अनियमित भुगतान मामले में अजीत कुमार सहायक अभियंता को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी
  • कृषि वानिकी योजना के क्रियान्वयन और पौधों की उत्तरजीविता के आधार पर किसानों को 60 रुपये प्रति पौधे का भुगतान करने की मंजूरी
  • चीनी एवं गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना व विकास के लिए उत्पाद शुल्क की प्रतिपूर्ति एवं छोआ का भुगतान करने पर व्यावसायियों को वैट के स्थान पर जीएसटी की प्रतिपूर्ति होगी। 

Posted By: Rajesh Thakur

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस