बिहार कैबिनेट में 25 फैसले: किसानों के बकाया 43 करोड़ चुकाएगी सरकार; युवाओं को जॉब्स के लिए 'मिशन' मंजूर
बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कुल 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
HighLights
बिहार कैबिनेट में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कुल 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बिहार कैबिनेट की बैठक में सासामुसा शुगर वर्क्स से जुड़े किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये बकाया भुगतान को मंजूरी दी गई।
इससे गन्ना किसानों को राहत मिलेगी और चीनी मिल को दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
साथ ही 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' को भी मंजूरी दी गई, जो 1 जुलाई 2026 से राज्य में लागू होगा और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देगा।
सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन पर बड़ा फोकस
डकरानाला पंप नहर योजना के लिए 251.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
वहीं बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन के लिए भी बड़ी राशि को मंजूरी मिली है, जिससे 2026-27 में सुरक्षा कार्यों को गति मिलेगी।
सिंधवारणी जलाशय योजना के लिए 196.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे नहर और सिंचाई क्षमता में सुधार होगा।
शहरों की बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इन परियोजनाओं की लागत 100 करोड़ से 375 करोड़ रुपये के बीच है।
इन योजनाओं से शहरों में स्वच्छता, पेयजल और पर्यावरणीय सुधार को बढ़ावा मिलेगा और नागरिक सुविधाएं मजबूत होंगी।
शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बड़े फैसले
आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क और नए हॉस्टल निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का संचालन आईआईटी पटना करेगा, जिससे उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी।
इसके साथ ही ई-प्रोक्योरमेंट 2.0 और BIHAR SNA-SPARSH सिस्टम के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया, जिससे सरकारी भुगतान और निविदा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
सामाजिक सुरक्षा और किसानों के लिए योजनाएं
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मई, जून और जुलाई 2026 की अग्रिम राशि के रूप में 3,662 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है, जिससे लाखों लाभार्थियों को समय पर भुगतान मिलेगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 2026-27 से फिर लागू करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे किसानों को फसल नुकसान की सुरक्षा मिलेगी।
प्रशासनिक सुधार और निवेश को बढ़ावा
वाणिज्य-कर विभाग, ई-स्टाम्प नियमावली और निजी नर्सिंग होम नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही निवेश प्रोत्साहन बोर्ड को अधिक अधिकार देकर औद्योगिक निवेश प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बिहार में निवेश माहौल बेहतर होने की उम्मीद है।