सम्राट कैबिनेट के बड़े फैसले: बाढ़ सुरक्षा के लिए 1000 करोड़, ईंट-भट्ठा कारोबारियों को ब्याज से राहत
सम्राट चौधरी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और जल-जीवन-हरियाली के लिए जल संसाधन विभाग को आकस्मिकता निधि से 1000 करोड़ रुपये दिए हैं।

HighLights
जल संसाधन विभाग को बाढ़ सुरक्षा हेतु 1000 करोड़ रुपये।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों को 240 करोड़ बकाया में एकमुश्त समाधान।
पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की संविदा नियुक्ति।
राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश की सम्राट चौधरी की सरकार ने बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और जल-जीवन-हरियाली से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के लिए जल संसाधन विभाग को आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में एक हजार करोड़ उपलब्ध कराए हैं।
इस राशि का उपयोग राज्य योजना के तहत बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों, प्रगति यात्रा से जुड़े कार्यों, सिंचाई परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में किया जाएगा।
इसके साथ ही ईंट-भट्ठा कारोबारियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि में राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी दी गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ये प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। आज कुल 17 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। मुख्मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर आज लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की है।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों पर 240 करोड़ रुपये बकाया
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि ईंट-भट्ठा कारोबारियों पर वित्तीय वर्ष 2024-25 का करीब 240 करोड़ रुपये बकाया है। जिसके खिलाफ सरकार ने नीलाम पत्र दायर किया है।
नीलाम पत्र वाद में दर्ज बकाया राशि में से ब्याज की राशि छोड़कर मूल बकाया जमा करने पर संबंधित देनदार के खिलाफ कोई मांग बकाया नहीं मानी जाएगी। योजना तीन महीने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान ईंट-भट्ठा कारोबारियों को अपना बकाया चुकाने का मौका दिया गया है।
मोडिफाइड उड़ान से छोटे शहरों को हवाई संपर्क
राज्य में हवाई संपर्क विस्तार के लिए नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता पत्र को मंजूरी दी गई है। इससे नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता मिलेगी। कम यात्री मांग वाले मार्ग भी शुरू में संचालित होंगे। आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे।
इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सिविल विमानन विभाग के अंतर्गत सृजित तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति को विनियमित करने के लिए बिहार सिविल विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली 2026 स्वीकृत की गई है।
मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ स्वीकृत
वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना से उत्पादन, बीज, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार, निर्यात और प्रमाणन को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों, व्यापारियों और एफपीओ की आय बढ़ेगी।
पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापक की संविदा नियुक्ति
राज्य के पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति होगी। नियमित नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था रहेगी। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप चिकित्सक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
साथ ही पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए कुल छह पद सृजन को भी स्वीकृति दी गई है।
काराओं की खाली जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
बिहार की चार काराओं की खाली भूमि पर पेट्रोल पंप खोलने की मंजूरी दी गई। पूर्णिया व मुजफ्फरपुर में इंडियन ऑयल तथा बक्सर व भागलपुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप स्थापित व संचालित करेगा। इसके लिए कारा पेट्रोल पंप परिचालन नियमावली-2026 भी स्वीकृत की गई।
सम्राट कैबिनेट के अन्य निर्णय
- नेशनल मिशन आन एडीबल ऑयल-पाम ऑयल केंद्र प्रायोजित योजना के कार्यान्वयन के लिए 2.10 करोड़ स्वीकृत।
- बागवानी विकास मिशन के क्रियान्वयन के लिए 78.34 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत राम जी) शिकायत निवारण नियमावली 2024 को स्वीकृति।
- राजकीय डेंटल कॉलेज व अस्पतालाें में प्राध्यापक, सह- प्राध्यापक, रीडर, व्याख्याता के रिक्त पदों के विरूद्ध् नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन का प्रस्ताव स्वीकृत।
- बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली 2026 को मंजूरी।
- सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों को अगले आदेश तक सृजित करने की स्वीकृति।
यह भी पढ़ें- सम्राट कैबिनेट से 17 एजेंडे पास: गया में बनेगा काशी विश्वनाथ जैसा विष्णुपद कॉरिडोर, छोटे शहरों तक पहुंचेगी उड़ान
