बिहार में अब परमाणु ऊर्जा से बनेगी बिजली, औरंगाबाद में 110 एकड़ जमीन चिह्नित
बिहार में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
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परमाणु उर्जा प्लांट। फाइल फोटो
HighLights
सौर, पंप्ड स्टोरेज, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर बिहार में काम।
जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट, भूमि उपलब्धता पर चर्चा।
भविष्य की बिजली जरूरतों हेतु स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन पर जोर।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बिजली उत्पादन बढ़ाने और भविष्य की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज एवं परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की दिशा में पहल की जा रही है।
इसे लेकर मंगलवार को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक विशाल राज की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
इसमें विभिन्न परियोजनाओं के लिए जमीन, जलाशयों के उपयोग और पानी की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में औरंगाबाद में 110 एकड़ जमीन की उपलब्धता, फुलवरिया जलाशय में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने तथा पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए जलाशयों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार किया गया।
परमाणु ऊर्जा परियोजना के लिए जल आवंटन का मुद्दा भी उठा। परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
प्रबंध निदेशक ने संयुक्त समिति गठित कर चिन्हित स्थलों का निरीक्षण करने और सरकारी, निजी व बंजर जमीन की उपलब्धता का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया।
साथ ही, जरूरी स्वीकृतियां और अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि बिहार में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज और परमाणु ऊर्जा जैसे विकल्पों की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
राज्य सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना और भविष्य की बिजली जरूरतों के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
ऊर्जा सचिव एवं बिजली कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि ऊर्जा परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए भूमि, जल संसाधन और आवश्यक स्वीकृतियों से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान जरूरी है।
इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, चिन्हित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करने और अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही, शाम के समय बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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