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मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में समानांतर फोरलेन पुल का काम तेज, एप्रोच पथ के लिए जमीन अधिग्रहण की पहल

Published: Wed, 14 Oct 2026 07:00 AM (IST)

मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे समानांतर फोरलेन पुल के एप्रोच पथ के लिए भूमि अधिग्रहण ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में अखाड़ाघाट पुल। फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर में अखाड़ाघाट पुल। फाइल फोटो

HighLights

  1. अखाड़ाघाट फोरलेन पुल एप्रोच पथ के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू।

  2. बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहा है समानांतर फोरलेन पुल।

  3. शहर को जाम से निजात दिलाने में सहायक होगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बूढी गंडक नदी पर अखाड़ाघाट में सामानांतर फोरलेन पुल के एप्रोच पथ निर्माण को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इसके लिए पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता ने जिलाधिकारी को जमीन अधिग्रहण करने से संबंधित अधियाचना भेजी है। इसके अनुसार, मौजा शेखपुर में 0.0513 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने अनुरोध किया है।

इसके साथ परियोजना का विस्तृत ब्योरा भी उपलब्ध कराया गया है। इसमें अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मैप भी है। बताया गया कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम-2013 के प्रविधानों के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन सहित अधिग्रहण की पूरी लागत जमा करने के लिए निगम तैयार है।

परियोजना की डीपीआर, प्रशासनिक स्वीकृति और बजटीय प्रविधान की प्रमाणित कापी भी उपलब्ध कराई गई है। वरीय परियोजना अभियंता ने बताया कि अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का स्थल पर सीमांकन कर दिया जाएगा और निर्धारित तिथि तक सभी आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

विदित हो कि शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए अखाड़ाघाट में सामानांतर फोरलेन पुल का निर्माण करीब 69 करोड़ रुपये से किया जा रहा है।

इसके एप्रोच पथ के लिए पूर्व में करीब एक एकड़ सरकारी भूमि का हस्तांतरण पुल निर्माण निगम को किया जा चुका है।

अब शेखपुर मौजा में अधिग्रहण की कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी के स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय के द्वारा अधिग्रहण पर खर्च होने वाली राशि का प्राक्कलन तैयार किया जाएगा।

पुल निर्माण का चल रहा काम

वर्तमान में फोरलेन पुल का काम तेजी से चल रहा है। पांच पिलर का निर्माण हो चुका है। शेष तीन का काम चल रहा है। आठ पिलर पर यह पुल बनाया जा रहा है। अगले वर्ष तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।