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भूमि दखल कब्जा प्रमाण को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, स्पेशल केस में मिलेगी ऑफलाइन LPC

Published: Thu, 12 Feb 2026 09:35 PM (GMT+05:30)

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष मामलों में ऑफलाइन भूमि दखल कब्जा प्रमाण (एलपीसी) जारी करने की सुविधा 31 ...और पढ़ें

भूमि दखल कब्जा प्रमाण को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला

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राज्य ब्यूरो, पटना। विशेष मामलों में अंचलों से ऑफलाइन भूमि दखल कब्जा प्रमाण (एलपीसी) जारी किए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से इस साल एक जनवरी से ऑफलाइन एलपीसी जारी करने पर रोक लगा दी गई थी।

विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा है कि विशेष मामलों में ऑफलाइन एलपीसी जारी करने की सुविधा इस साल के 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है। पत्र में विशेष मामले के रूप में भू अर्जन का जिक्र किया गया है। अन्य मामलों में ऑनलाइन एलपीसी की ही व्यवस्था रहेगी।

अगर इस साल एक जनवरी के बाद भी ऑफलाइन एलपीसी जारी हुआ है तो वह भी मान्य होगा, क्योंकि नया आदेश एक जनवरी 2026 से ही प्रभावी रहेगा। उसी दिन से ऑफलाइन प्रक्रिया पर रोक लगी हुई थी

सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं: विजय सिन्हा

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सरकारी जमीन को प्राथमिकता के स्तर पर अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा- अतिक्रमण मामले में शून्य सहनशीलता की नीति लागू करें। इस संबंध में गुरुवार को विभाग की ओर से भी आदेश जारी कर दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में हमने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज ऐसी सरकारी भूमि, जिनका विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ है, उन्हें कानून के तहत प्राथमिकता के आधार पर मुक्त कराएं। 

डिप्टी सीएम बोले, हमारी प्राथमिकता है कि अंचलवार सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लैंड बैंक का निर्माण किया जाए, ताकि राज्य में औद्योगीकरण, आधारभूत संरचना विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

इधर, विभागीय आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी भूमि की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई के तहत वाद दायर किए जाएं तथा भूमि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए। सभी जिला प्रशासन को इस मामले की निगरानी का भी निर्देश दिया गया है।