बिहार के 352 प्राइवेट बीएड कॉलेजों पर सख्ती, हर साल NCTE को देना होगा पूरा हिसाब; मान्यता रद होने का खतरा
बिहार के सभी 352 निजी बीएड कॉलेजों को अब राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को हर साल परफार्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट ...और पढ़ें

प्राइवेट बीएड कॉलेजों की नहीं चलेगी मनमानी। प्रतीकात्मक एआई फोटो
HighLights
सभी 352 निजी बीएड कॉलेजों को PAR देना अनिवार्य।
रिपोर्ट न देने पर मान्यता रद्द या दाखिले पर रोक।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर।
दीनानाथ साहनी, पटना। राज्य के सभी 352 निजी बीएड काॅलेजों को अनिवार्य रूप से परफार्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट (PAR) देनी होगी।
यह रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के समक्ष हर साल जमा करना होगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने बीएड काॅलेजों को रिपोर्ट देना अनिवार्य कर दिया है।
विभाग ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में उठाया है। वर्ष 2023 में एनसीटीई ने बीएड कालेजों को PAR जमा करना अनिवार्य किया था, जिस पर निजी काॅलेज संचालकों की दलील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।
हर साल एनसीटीई को देनी होगी रिपोर्ट
तब एनसीटीई ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जो काॅलेज तय समय के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद करने या संबंधित सत्र में दाखिले पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में संबंधित सभी बीएड काॅलेजों को निर्देशित किया गया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों में अच्छे शिक्षकों का होना, बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार से जुड़ा हुआ है।
NCTE एक सांविधिक निकाय है और उसे शिक्षा प्रणाली के सुनियोजित विकास के लिए संस्थानों से हर साल परफार्मेंस रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है।
कोर्ट के इस आदेश से अब कम संसाधन वाले बीएड काॅलेजों के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है, जो केवल बीएड की पढ़ाई के नाम पर छात्रों का आर्थिक शोषण और डिग्रियां बांट रहे हैं।
इन बिंदुओं पर देनी रिपोर्ट
- काॅलेज में उपलब्ध भूमि और भवन की जानकारी
- नियुक्त योग्य शिक्षकों और फैकल्टी का पूरा ब्योरा
- नामांकित छात्रों की संख्या और शिक्षण संसाधनों का विवरण
एनसीटीई के तय मानक
- 50 छात्रों के एक बैच के लिए कम से कम तीन हजार वर्ग मीटर का भवन अनिवार्य
- यदि छात्र संख्या 51 से 100 के बीच है तो छह हजार वर्ग मीटर का भवन जरूरी
- संस्थान के पास एक एकड़ भूमि, प्रयोगशाला, पुस्तकालय व खेल मैदान आवश्यक