बिहार में बैंक की हड़ताल का ₹50000 करोड़ के कारोबार पर असर, 4000 ब्रांच में ठप रहा काम
बिहार में यूएफबीयू के आह्वान पर करीब 29 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे 4 हजार सरकारी ...और पढ़ें

कामकाज पूरी तरह बंद
HighLights
करीब 29 हजार बैंक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
राज्य में 50 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मुख्य मांग।
जागरण संवाददाता, पटना। यूएफबीयू के आह्वान पर शुक्रवार को बिहार में करीब 29 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते सरकारी बैंकों की करीब चार हजार शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को जरूरी काम कराए बिना लौटना पड़ा। हड़ताल से राज्य में करीब 50 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने का अनुमान है।
जमा-निकासी से चेक क्लीयरेंस तक सेवाएं प्रभावित
हड़ताल के कारण बैंकों में जमा-निकासी, ऋण संबंधी कार्य, चेक क्लीयरेंस, खाता खोलने और केवाइसी समेत कई जरूरी सेवाएं प्रभावित रहीं।
जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद कई इलाकों में एटीएम सेवाएं भी प्रभावित होने की शिकायत मिली।
डिजिटल बैंकिंग से जुड़े काम चलते रहे
शाखाओं में कामकाज बंद रहने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग, यूपीआइ और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध रहीं। यानी ऑनलाइन लेन-देन करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई। हालांकि नकद निकासी या शाखा से जुड़े जरूरी काम के लिए ग्राहकों को हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ा।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग
बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल की। यूनियन नेताओं का कहना है कि मार्च 2024 में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया।
पीएलआइ व्यवस्था में बदलाव का भी विरोध
यूनियनों ने मौजूदा पीएलआइ व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई। उनकी मांग है कि पीएलआइ में किसी भी बदलाव या उसके क्रियान्वयन से पहले यूनियनों और एसोसिएशनों से द्विपक्षीय वार्ता की जाए। बैंकिंग क्षेत्र के अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की भी मांग की गई।
बिहार ग्रामीण बैंक में भी कामकाज पूरी तरह बंद
बिहार ग्रामीण बैंक में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा। संगठन के अनुसार सभी 26 क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रधान कार्यालय और शाखाओं में पूर्ण तालाबंदी रही।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल में व्यापक भागीदारी की। हड़ताल में शामिल बैंककर्मियों के एक दिन का वेतन कटने की बात भी यूनियन नेताओं ने कही।
मांगें नहीं मानीं तो फिर बंद रहेंगे बैंक
यूएफबीयू ने मांगों का समाधान नहीं होने पर आगे भी बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
