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बिहार में 100 अंकों के सूचकांक से तय हुई बैंकों की रैंकिंग, SBI समेत कई बैंक रेड जोन में

Published: Sat, 24 Oct 2026 11:04 AM (IST)

बिहार में पहली बार 100 अंकों के मापन सूचकांक पर बैंकों की रैंकिंग की गई, जिसमें IDFC फर्स्ट बैंक शीर्ष ...और पढ़ें

SBI रेड जोन में

SBI रेड जोन में

HighLights

  1. 100 अंकों के सूचकांक पर बिहार के बैंकों की रैंकिंग हुई।

  2. IDFC फर्स्ट बैंक शीर्ष पर, SBI रेड जोन में शामिल हुआ।

  3. विकास आयुक्त ने ऋण वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पहली बार 100 अंकों के मापन सूचकांक के आधार पर बैंकों के प्रदर्शन की रैंकिंग तय की गई है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बैंकों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा गया।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की वार्षिक साख योजना का लक्ष्य 4.95 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

IDFC फर्स्ट बैंक शीर्ष पर, SBI रेड जोन में

मापन सूचकांक में IDFC फर्स्ट बैंक ने 74 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। ग्रीन जोन में HDFC बैंक को 65, बैंक ऑफ बड़ौदा को 64 और बिहार ग्रामीण बैंक को 57 अंक मिले।

वहीं, रेड जोन में SBI को 32, केनरा बैंक को 27 तथा IDBI बैंक को 26 अंक मिले। 40 से 50 अंकों के बीच प्रदर्शन करने वाले बैंक येलो जोन में रखे गए हैं।

साख योजना में 38.25 प्रतिशत लक्ष्य हासिल

30 सितंबर 2026 तक बैंकों ने वार्षिक साख योजना के तहत 1,89,343.52 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए, जो लक्ष्य का 38.25 प्रतिशत है।

एमएसएमई क्षेत्र में 52.68 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ, जबकि कृषि क्षेत्र में उपलब्धि 28 प्रतिशत रही। राज्य का साख-जमा अनुपात 60.17 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

बिहार की जमा पूंजी राज्य के विकास में लगाएं बैंक

विकास आयुक्त ने कम प्रदर्शन करने वाले बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में जमा जनता के पैसे का निवेश कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के विकास में होना चाहिए।

उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं में लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने तथा ऋण अस्वीकृति दर कम करने पर भी जोर दिया।