बच्चियों की सुरक्षा और सीमांचल के भेदभाव को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन, राजद और एआइएमआइएम विधायकों का विरोध
राजद और एआइएमआइएम विधायकों ने बिहार विधानसभा में प्रदर्शन किया। राजद ने बच्चियों की सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल ...और पढ़ें

बच्चियों की सुरक्षा और सीमांचल के भेदभाव को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन

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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बच्चियों की सुरक्षा और क्षेत्रीय भेदभाव के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने एक बार फिर राज्य सरकार को घेरा है। सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के विधायकों ने बिहार विधानसभा के पोर्टिको में प्रदर्शन किया।
राजद विधायकों ने राज्य में लगातार सामने आ रही बच्चियों के साथ अपराध की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि बिहार में बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका आरोप था कि सरकार सिर्फ कागजी दावे कर रही है, जबकि जमीनी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
राजद विधायकों ने मांग की कि बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाए, दोषियों को त्वरित सजा मिले और एक प्रभावी सुरक्षा नीति लागू की जाए। साथ ही उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराने की भी मांग रखी।
वहीं, एआइएमआइएम के विधायकों ने सीमांचल क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए अलग से विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं का आरोप था कि सरकार विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और प्रशासनिक ध्यान के मामले में सीमांचल के साथ भेदभाव कर रही है।
उनका कहना था कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं में सीमांचल अब भी अन्य क्षेत्रों से काफी पीछे है।
एआइएमआइएम विधायकों ने मांग की कि सीमांचल के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक सीमांचल को बराबरी का हक नहीं मिलेगा, तब तक विरोध जारी रहेगा।
दोनों दलों के प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रही। हालांकि, इस दौरान सरकार की ओर से कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। विपक्ष का कहना है कि यदि इन मुद्दों पर सरकार गंभीर पहल नहीं करती है, तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
