पटना, जेएनएन। बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को विपक्ष ने जारेदार हंगामा किया। एक्‍यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) या चमकी बुखार पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया, जिसपर बहस हुई। विधानमंडल के बाहर भी विपक्ष ने हंगामा किया।
विधान परिषद में कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज
मुजफ्फरपुर में फैले एईएस से बच्चों की मौत पर राजद और कांग्रेस दोनों ने विधान परिषद में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया। राजद के प्रदेश अध्यक्ष राम चन्द्र पूर्वे और कांग्रेस के प्रेम चन्द्र मिश्रा ने यह प्रस्ताव लाया और इस मामले पर विशेष बहस की मांग की। कार्यकारी सभापति हारुण रसीद ने दोनों प्रस्तावों को नियम के प्रतिकूल बताते हुए खारिज कर दिया।
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
कार्यस्थगन खारिज होने के बाद प्रश्नकाल काल तो ठीक से चला लेकिन शून्यकाल में राजद के सुबोध कुमार ने कार्यस्थगन प्रस्ताव होने के बाद भी सदन में स्वास्थ्य मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल खड़ा कर दिया। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने जवाब दिया कि मंत्री विधानसभा में इस मसले पर हो रही बहस में हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन सुबोध अपनी मांग पर अड़े रहे। इस पर भाजपा के उप मुख्य सचेतक रजनीश कुमार ने राजद नेताओं से सवाल कर बोलती बंद कर दी। रजनीश ने पूछा कि नेता प्रतिपक्ष के पद होने के बावजूद तेजस्वी अभी तक मुजफ्फरपुर नहीं गए। नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
हंगामे  की भेंट चढ़ी परिषद की कार्रवाही
इससे राजद सदस्य भड़क गए। सत्ता पक्ष के सदस्य भी खड़े होकर मंत्री के पक्ष में बोलने लगे और लगभग पांच मिनट तक शोर-शराब होता रहा। बाद में राजद ने एक बार फिर अपने कार्यस्थगन पर जोर दिया तो कार्यकारी सभापति हारूण रसीद ने कहा कि इसी मसले पर सदन में एक ध्यानाकर्षण भी है उस समय सरकार जवाब देगी।
राबड़ी देवी पहुंची विधान परिषद, मंगल पांडेय से मांगा इस्तीफा
पूर्व मुख्यमंत्री व विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने परिषद के बाहर एईएस से बच्चों की मौत पर राजद के सदस्यों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। राबड़ी ने कहा कि 'मुजफ्फरपुर मामले में मंगल पांडेय को इस्तीफा देना चाहिए। मुजफ्फरपुर मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। कुपोषण से बच्चों की मौत पर जांच करने की जरुरत है। 

एईएस से मौत को लेकर विधानसभा में भी हंगामा
एईएस से मौत को लेकर विधानसभा में भी हंगामा हुआ। एईएस से बचाव में जीविका समूह और आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता के लिए यह बेहद जरूरी है। प्रदेश में अभी साढ़े आठ लाख जीविका समूह हैं। करीब एक करोड़ परिवार इससे जुड़े हैं। लक्ष्य है कि सभी परिवारों को इससे जोड़ दिया जाए। जागरूकता की कमी के चलते ही घर में शौचालय होते हुए भी लोग बाहर जाते हैं। नल के जल का दुरुपयोग करते हैं। 90 फीसद बीमारी इसी के चलते होती है।
गरीबों के जीवन स्तर में सुधार को कई योजनाएं
विधानसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से गरीबों के जीवन स्तर में सुधार के लिए कई तरह की योजनाएं लाई गई हैं। ग्रामीण आवास योजना के तहत हमें सबको आवास देना है। दूसरी सतत जीविकोपार्जन योजना है। इसके तहत जीवन स्तर में सुधार लाना है।
मुख्‍यमंत्री ने कहा कि अब घर बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से एक लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
जिन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिया जाएगा। जमीन नहीं रहने पर 60 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत जिन्होंने घर बनाया है और वह जीर्ण-शीर्ण हो गया है तो उन्हें भी मुख्‍यमंत्री आवास योजना में शामिल कर उनके आवास का कायाकल्प किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास कुछ नहीं है। राशन कार्ड भी नहीं है। उन्हें चिह्नित कर लिया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्हें कोई न कोई काम करने के लिए एक लाख 60 हजार रुपये दिए जाएंगे।
केवल एईएस प्रभावित नहीं, सभी परिवारों को गरीबी से मुक्त करने का प्रयास
सरकार की कोशिश है कि सबको सरकारी सहायता मिले। सर्वे करके सिर्फ एईएस से प्रभावित परिवारों को ही नहीं, सभी परिवारों को गरीबी से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भविष्य में उन्हें भी ऐसी बीमारी नहीं हो।
बिहार में नहीं लगने देंगे एस्‍बेस्‍टस का कारखाना
एईएस के लिए एस्बेस्टस को जिम्मेवार बताए जाने का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह फालतू चीज है। यही कारण है कि हमने बिहार में एस्बेस्टस की फैक्ट्री लगाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। बहुत पहले मेरे पास एक प्रस्ताव आया था। अधिकारियों को मैंने साफ कह दिया कि एस्बेस्टस की फैक्ट्री के लिए सरकार के स्तर पर कोई सहयोग नहीं दिया जाएगा। हम बिहार में इसका कारखाना भी नहीं लगाने देंगे।
विपक्ष मांग रहा स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा
मानसून के वर्तमान सत्र में विपक्ष एईएस से मौत सहित अन्‍य मुद्दों पर हमलावर है। सोमवार को विधानसभा के बाहर वामदल, राजद व कांगेस ने अलग-अलग प्रदर्शन किया। विपक्ष स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस मुद्दे पर मानसून सत्र के अाने वाले दिन और गर्म रहेंगे, यह तय है।

कांग्रेस ने लगाया बिहार सरकार पर लापरवाही का आरोप
सदन में कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने बिहार सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि 10 जून से पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मुजफ्फरपुर नहीं गए। उन्होंने कहा कि सत्ता सुख में गरीबों की आवाज नहीं सुनी जा रही है। दवाओं के अभाव में बच्चों की मौत हुई है।
तेजस्वी यादव पहुंचे पटना, विपक्ष के हौसने बुलंद
वहीं, लंबे समय से लापता चल रहे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को पटना लौटे। सोमवार को उनके विधानसभा पहुंचने की उम्‍मीद थी, लेकिन वे नहीं आए। अब सत्र के आगामी दिनों में उनके उपस्थित रहने की उम्‍मीद है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव के पटना लौट आने से विपक्ष के हौसले बुलंद हैं।

Posted By: Kajal Kumari

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