पटना, रमण शुक्ला। Bihar Assembly Election:  निर्वाचन आयोग (Election Commission) की गाइडलाइन के बाद बिहार के महासमर (Bihar Assembly Election) में व्यूह रचना के लिए अब महारथियों की पैठ भी बढ़ेगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (Grand Alliance) के बीच जोर आजमाइश होनी है। ऐसे में दोनों खेमों के दिग्गज अपनी-अपनी जमीन तैयार करने में जुटे हुए हैं।

भाजपा (BJP) के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) शनिवार की सुबह पटना पहुंच रहे हैं। चुनाव प्रभारी देवेंद्र फड़वीस (Devendra Fadnavis) अगस्त के आखिरी या सितंबर के पहले हफ्ते में बिहार पहुंच जाएंगे। कांग्रेस की वर्चुअल रैली के जरिए सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Priyanka Gandhi) के साथ प्रियंका वाड्रा (Priyanka Vadra) भी सक्रिय होने वाली हैं। रैली 31 अगस्त से शुरू होने वाली है, जिसे तीनों नेता संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) तो पहले से ही सक्रिय हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भी राजद (RJD) की गतिविधियों को पिछले दो महीने से जारी रखा है।

एनडीए में महारथियों की कमी नहीं

एनडीए कुनबे में तो महारथियों की कोई कमी ही नहीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) आदि बिहार की राजनीति के हर दांव-पेच को बारीकी से जानने-समझने वाले दिग्गज हैं। हालांकि सीट बंटवारे पर अभी जद्दोजहद जारी है। हिस्सेदारी तय करने में एनडीए के चाणक्य अमित शाह (Amit Shah) की काफी ऊर्जा खर्च हो रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jp Nadda) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narenda Modi) भी पल-पल की सूचना और गतिविधि से अवगत हो रहे हैं।

मतदाताओं को लुभाने में ज्यादा ऊर्जा

गौरतलब है कि कोरोना के मद्देनजर चुनाव के बाबत तमाम राजनीतिक दलों के विचारों से निर्वाचन आयोग (Election Commission) अवगत हो चुका है। राय-मशविरा के दौरान राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के साथ कुछ जानी-अनजानी छोटी पार्टियों के नेता भी चुनाव टालने की हिमायत करते रहे। हालांकि निर्वाचन आयोग और सत्ता पक्ष का रुख समय पर चुनाव कराने का है, ताकि राज्य की जनता अपनी पसंद की सरकार चुन सके। अब जबकि राजनीतिक गतिविधियां बहुत आगे बढ़ चुकी हैं, ऐसे में विधानसभा चुनाव के दिलचस्प होने के आसार बढ़ चुके हैैं। इसका बड़ा आधार दोनों खेमों में नेताओं को डोलता मन है। इसे चुनावी दौर की हकीकत मान राजनीतिक दल भी मतदाताओं को लुभाने में ज्यादा ऊर्जा लगाना चाह रहे।

कम नहीं महागठबंधन की तैयारी

महागठबंधन की तैयारी भी राजग से कम नहीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, 29 अगस्त तक बिहार क्रांति महासम्मेलन (Virtual Rally) को संबोधित करने वाले नेताओं के नाम तय कर दिए जाएंगे। 31 अगस्त से शुरू होने वाली वर्चुअल रैली में करीब 10 से 12 लाख लोगों को जोडऩे की तैयारी है। पार्टी के नेता उन्हें कांग्रेस की नीतियों, पार्टी द्वारा राष्ट्रीय स्तर और बिहार में किए गए कामों का लेखा-जोखा देंगे। इसके साथ ही मौजूदा केंद्र और राज्य सरकार के कार्यकाल में होने वाली परेशानी और सरकार की नाकामियों से जनता को अवगत कराएंगे।

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