पटना, जेएनएन। Bihar Assembly Election 2020: बिहार सरकार में खान व भूतत्व मंत्री तथा कैमूर की चैनपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक बृजकिशोर बिंद  (Brijkishore Bind) का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जनसंपर्क के दौरान के इस वायरल वीडियो (Viral Video) में बिंद लोगों से यह कहते नजर आ रहे हैं कि अगर वे चुनाव हार गए तो इलाके में अकाल पड़ना तय है। उनके विरोधियों ने इसे जनता को धमकी बताते हुए कहा है कि अगर उन्‍होंने विकास किया होता तो जनता को धमकी देने की नौबत ही नहीं आती। हालांकि, ब्रजकिशोर बिंद ने कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर गलत ढ़ंग से प्रस्‍तुत किया जा रहा है। ब्रजकिशोर बिंद पहले भी ऐसे विवादित बयान देते रहे हैं

मंत्री जी बोले: जब से विधायक हूं, नहीं पड़ा अकाल

वीडियो में मंत्री जी कहते नजर आ रहे हैं कि जब से वे चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने हैं, तब से अकाल नहीं पड़ा है। साथ ही किसर की फसल खराब नहीं हुई है। वीडियो में मंत्री ब्रिज किशोर बिंद यह कहते भी नजर आ रहे हैं कि उन्‍होंने अपने क्षेत्र में काफी विकास किया है। फिर, आगे कहते हैं कि अगर इस बार वे हार गए तो अकाल आ जाएगा। मंत्री जी की इस बात का किसी ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

विपक्ष का सवाल, जनता को क्‍यों दे रहे धमकी?

जब बयान ऐसा है तो इसके बाद बयान पर राजनीति तो होनी ही है। भभुआ के पूर्व विधायक सहित कई विरोधियों ने मंत्री के बयान को जनता को धमकी देना बताया है। कहा है कि अगर उन्‍होंने विकास किया है तो जनता को धमकाने की क्‍या जरूरत है?

बयान को तोड़-मरोड़ कर रख रहा है विपक्ष

इस मामले में मंत्री ब्रिज किशोर बिंद ने भी अपनी बात रखी है। उनके अनुसार विपक्ष बातों को तोड़-मरोड़ कर रख रहा है। कहा कि उन्‍होंने गलत बात नहीं कही बल्कि सच्चाई बतायी है। उन्‍होंने कहा कि इसे जनता को धमकी देना नहीं कहा जा सकता है।

पहले भी लू को बता चुके दैवी आपदा

विदित हो कि मंत्री ब्रजकिशोर बिंद पहले भी ऐसे विवादित या अजग-गजब बयान देते रहे हैं। बीते साल जून 1919 में जब बिहार में लू की चपेट में आकर 74 लोगों की मौत हो गई थी, तब वे लू से सर्वाधिेक प्रभावित औरंगाबाद में प्रभारी मंत्री होने के नाते गए थे। तब उन्‍होंने कहा था कि स्वास्थ्य व्यवस्था बिलकुल ठीक है, गर्मी और लू दैवी आपदा है। इसमें कोई क्या कर सकता है?

कहा था: बिंद जाति से थे शंकर व हनुमान

उन्‍होंने अगस्‍त 1919 में भगवान शिव व हनुमान को लेकर भी एक विवादित बयान दिया था। उन्‍होंने उन्‍हें बिंद जाति का बताया था। प्रमाण के लिए शिव पुराण, हनुमान चालीसा और प्राचीन भारत के इतिहास से जुड़ी एक किताब का हवाला दिया था।

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