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106वां स्थापना दिवस: बिहार विधानसभा में जुटे ओम बिरला, हरिवंश, किरेण रिजिजू और प्रेम कुमार, डिजिटल हाउस का उद्घाटन

Published: Sat, 07 Feb 2026 12:46 PM (IST)Updated: Sat, 07 Feb 2026 01:22 PM (IST)

बिहार विधानसभा का 106वां स्थापना दिवस पटना में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने NEVA के ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Assembly 106th Foundation Day: बिहार विधानसभा का 106वां स्थापना दिवस समारोह शनिवार को पूरे गरिमामय वातावरण में शुरू हुआ। ऐतिहासिक अवसर पर विधानसभा भवन और परिसर को कोलकाता से मंगाए गए फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। लोकतांत्रिक परंपराओं और आधुनिक तकनीक के संगम का यह आयोजन खास आकर्षण का केंद्र बना।

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राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी, भव्य स्वागत

मुख्य समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू और बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। साथ ही अन्य विशिष्ट अतिथियों का भी अभिनंदन किया गया।

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डिजिटल हाउस का उद्घाटन, आधुनिक विधानसभा की झलक

समारोह के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने NEVA (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) के तहत संचालित डिजिटल हाउस का उद्घाटन किया। इस मौके पर ‘सशक्त विधायक–सशक्त लोकतंत्र’ विषय पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेता अपने विचार रख रहे हैं। डिजिटल हाउस को विधायी कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।

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1921 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की स्थापना 7 फरवरी 1921 को हुई थी। सर वाल्टर मोरे की अध्यक्षता में निर्वाचित प्रांतीय परिषद की पहली बैठक आयोजित की गई थी। 106 वर्षों में विधानसभा ने औपनिवेशिक दौर से लेकर आधुनिक लोकतांत्रिक भारत तक का लंबा और ऐतिहासिक सफर तय किया है।

सदन की गरिमा पर जोर, प्रेम कुमार का संदेश

डिजिटल हाउस उद्घाटन के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव से नहीं, बल्कि संस्थाओं की गरिमा और जनता की सहभागिता से मजबूत होता है। उन्होंने सदस्यों से सकारात्मक आलोचना और सदन की मर्यादा व परंपरा बनाए रखने का आह्वान किया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने ‘जय श्री राम’ कहा।

इतिहास और संविधान पर चर्चा, अनुच्छेद 104 का मुद्दा

संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुपस्थिति की जानकारी दी और उनकी ओर से शुभकामनाएं साझा कीं। उन्होंने इतिहास को याद रखने की जरूरत बताते हुए कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 104 को अप्रासंगिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखी।

दिनभर चलेगा लोकतांत्रिक संवाद

दोपहर 1:10 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का अध्यक्षीय भाषण होगा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित कई वरिष्ठ नेता समारोह को संबोधित करेंगे। स्थापना दिवस के बहाने बिहार विधानसभा एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत और तकनीक-संपन्न भविष्य को एक मंच पर प्रस्तुत कर रही है।