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बिहार में 417 KM सड़क पर खर्च होंगे ₹28302 करोड़, 8 जिलों को होगा फायदा

Published: Sat, 17 Oct 2026 11:56 AM (IST)

Gorakhpur-Siliguri Expressway बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी, जिसमें गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के बिहार हिस्से पर ₹28,302 करोड़ खर्च ...और पढ़ें

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से बदलेगी आठ जिलों की कनेक्टिविटी

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से बदलेगी आठ जिलों की कनेक्टिविटी

HighLights

  1. गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के बिहार हिस्से पर ₹28,302 करोड़ खर्च।

  2. राज्य के 8 जिलों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ।

  3. केंद्र ने 2,424 KM सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी है। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के बिहार वाले हिस्से के निर्माण पर करीब 28,302 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 417 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा।

इसके निर्माण से राज्य के आठ जिलों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत राज्य में 2,424 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 1,64,518 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से बदलेगी आठ जिलों की कनेक्टिविटी

Gorakhpur-Siliguri Expressway गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे बिहार के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसकी कुल लंबाई करीब 568 किलोमीटर बताई गई है, जिसमें लगभग 417 किलोमीटर हिस्सा बिहार में होगा।

यह एक्सप्रेसवे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरेगा। इसके बनने से इन जिलों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

1.64 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी

बिहार में सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने कुल 32 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग और बिहार के पथ निर्माण विभाग की 18 परियोजनाएं शामिल हैं।

इनकी कुल लंबाई लगभग 739 किलोमीटर है और अनुमानित लागत 24,940 करोड़ रुपये है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 14 परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 1,685 किलोमीटर है।

इन पर करीब 1,39,578 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन योजनाओं में हाईवे का चौड़ीकरण, सड़क सुदृढ़ीकरण, नए बाईपास और रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है।

गोरखपुर-सिलीगुड़ी के साथ कई बड़े हाईवे प्रोजेक्ट भी शामिल

सड़क परियोजनाओं की स्वीकृत सूची में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया, बक्सर-भागलपुर और मुजफ्फरपुर-बरौनी जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं।

इसके अलावा छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर सड़क और पटना नॉर्दर्न रिंग रोड से जुड़ी परियोजनाओं को भी कार्ययोजना में जगह मिली है।

इन मार्गों के विकास से प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापारिक केंद्रों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे मालवाहक वाहनों की आवाजाही को भी सुविधा मिल सकती है।

हालांकि, अलग-अलग परियोजनाओं के निर्माण की समयसीमा और लागत का विवरण संबंधित परियोजना की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

राम जानकी पथ के दो नए पैकेजों को भी हरी झंडी

बिहार में धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने वाली राम जानकी पथ परियोजना के तीसरे और चौथे पैकेज को भी वार्षिक कार्ययोजना में मंजूरी दी गई है।

इन दोनों हिस्सों के निर्माण पर करीब 8,600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस पथ के पहले और दूसरे पैकेज पर पहले से काम चल रहा है।

नए हिस्सों के निर्माण से मार्ग के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय कारोबार और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

एनएच-333ए से दरभंगा-जयनगर मार्ग तक होगा विकास

राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग और पथ निर्माण विभाग की परियोजनाओं में एनएच-333ए पर बरबीघा से झारखंड की ओर जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण शामिल है।

इसके अलावा दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बरियारपुर-बिशनपुर और सीतामढ़ी-चिरौत खंड से संबंधित कार्यों को भी मंजूरी मिली है। विभिन्न स्थानों पर चार लेन की सड़कें और बाईपास विकसित करने की योजना है।

एनएच-120 और एनएच-727 के कुछ स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से संबंधित कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य यातायात के दबाव को कम करना और सड़क सुरक्षा के साथ आवागमन को अधिक सुगम बनाना है।

बेहतर सड़क नेटवर्क से कारोबार और रोजगार को मिल सकती है रफ्तार

बिहार में प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रा समय कम करने, माल परिवहन को सुविधाजनक बनाने और प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।

बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और कृषि उत्पादों की ढुलाई को लाभ मिलने की संभावना है। निर्माण कार्यों के दौरान रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, इन परियोजनाओं से राज्य की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। हालांकि, वास्तविक लाभ परियोजनाओं के निर्माण, समय पर पूरा होने और उनके प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।

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