जागरण संवाददाता, पटना : नेशनल आटोमेटेड क्लियरिंग हाउस अब सातों दिन चौबीसों घंटे काम करना शुरू कर दिया है। अब छुट्टियों के दिन भी वेतन का भुगतान हो सकेगा। शेयरों का लाभांश मिल सकेगा। अन्य कई फायदे भी होंगे। साथ ही ई-मैंडेट सेवा की भी शुरू की गई है, और इसकी प्रोसेसिंग अवधि 21 दिन से घटाकर दो दिन कर दी गई है। इससे प्रीमियम आदि समय से जमा हो सकेगा। 

आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि सैलरी पेमेंट से संबंधी नियम में बदलाव करते हुए नेशनल आटोमेटेड क्लीयरिंग हाउस अब सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे कार्य करना शुरू कर दिया है। जून में आरबीआइ ने इसके लिए निर्देश दिया था जो अगस्त से लागू हो गया है। इससे बैंक बंदी के दिन भी वेतन भुगतान होगा, पेंशन मिल सकेगी। शेयर का लाभांश मिल सकेगा, चेक क्लीयर होगा ओर पैसा खाते में डेबिट-क्रेडिट हो सकेगा। 

ई-मैंडेट सेवा भी शुरू

उन्होंने कहा कि नेशनल आटोमेटेड क्लीयरिंग हाउस (एनएसीएच) की मदद से ही नियोक्ता की ओर से कर्मचारियों की सैलरी बैंक की मदद से दी जाती है। इस सेवा के तहत बल्क पेमेंट होता है। इसका संचालन नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया करता है। बिजली, टेलीफोन बिल बीमा प्रीमियम आदि का भी इसी सेवा के तहत भुगतान होता है। उन्होंने कहा कि एनएएचसी के तहत ई-मैंडेट सेवा भी शुरू की गई है। इस सेवा के तहत आनलाइन प्लेटफार्म पर प्रीमियम पेमेंट की सुविधा मिलती है। अब इस सेवा के तहत विलंब शुल्क देने से उपभोक्ता बच सकेंगे। छुट्टियों के दिन भी वे अपना प्रीमियम भुगतान कर सकेंगे। इसकी प्रोसेसिंग अवधि अब तक 21 दिन थी जिसे घटाकर दो दिन कर दिया गया है। त्रिवेदी ने कहा कि इससे त्वरित सेवा मिल सकेगी। अब नेट बैंकिंग ट्रांजैक्शन से ई-मैंडेट सेट कर सकते हैं। ई-मैंडेट सेवा का लाभ लेने क लिए बैंक खाता का आधार नंबर से जुड़ा होना अनिवार्य है।

Edited By: Akshay Pandey