पटना । विश्व बैंक की टीम ने 'नमामि गंगे परियोजना' के तहत चल रही राजधानी की 11 परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसमें एजेंसी ने भरोसा दिया कि बेउर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट दिसंबर 2018 तक बनकर तैयार कर लिया जाएगा। कार्य की प्रगति को देखकर टीम संतुष्ट थी। बेउर में सीवरेज पाइप लाइन के 180 किलोमीटर में अब तक 67 किलोमीटर का कार्य पूरा हो गया है। शेष की कार्य तेजी से चल रहा है। दिसंबर 2018 तक नेटवर्क एसटीपी के एक फेज का कार्य पूरा जो जाएगा। नेटवर्क के जरिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से आठ हजार घरों को लाभ मिलेगा। इससे सर्वाधिक वार्ड 10 एवं 11 के लोगों को फायदा होगा। इसके लिए दो हजार हाउस चैंबर बनाए जा रहे हैं। इससे सभी घरों को जोड़ा जाएगा। बेउर के बाद टीम ने पहाड़ी एसटीपी का निरीक्षण किया। साइट पर टूटी चारदिवारी को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। टीम ने एमआरआइ अस्पताल के अंदर बनने वाले पंपिंग स्टेशन का भी जायजा लिया। बाद में टीम सैदपुर एसटीपी का जायजा लेने पहुंची, जहां क्लोरिनेशन टैंक पंप हाउस का कार्य चालू था। पानी स्टोरेज के लिए चार तालाबों का भी निरीक्षण किया। इसमें मेन पंपिंग स्टेशन के लिए बन रहे 60 फीट गहरे कुएं को नजदीक से देखा। सैदपुर में मजदूरों के कैम्प में मिली कमियों को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

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चार जगहों पर पंपिंग स्टेशन के लिए नहीं मिला एनओसी :

एसटीपी निर्माण को लेकर चार जगहों पर पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि के लिए एनओसी का मामला प्रधान सचिव की बैठक में उठा। इसमें प्रधान सचिव ने अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया। एग्जीबिशन रोड पंपिंग स्टेशन, मेहंदीगंज, संदलपुर और आरएमआरआइ, इन चार जमीनों का एनओसी लेना है।

Posted By: Jagran