बाढ़ में लौंडा नाच के दौरान गाना बजाने को लेकर बवाल, दो पक्षों में जमकर पथराव व मारपीट; 10 लोग हिरासत में
बाढ़ के मनकौरा गांव में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद लौंडा डांस कार्यक्रम में गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ। ...और पढ़ें

दो पक्षों में जमकर पथराव व मारपीट
HighLights
लौंडा डांस कार्यक्रम में गाना बजाने पर विवाद.
दो पक्षों में जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई.
पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया.
संवाद सहयोगी, बाढ़। बाढ़ थाना अंतर्गत मनकौरा गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के बाद आयोजित लौंडा डांस कार्यक्रम में गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद सुबह होते-होते तूल पकड़ गया। कथित तौर पर जातिवादी गाने को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ा कि दोनों तरफ से जमकर रोड़ेबाजी और पत्थरबाजी हुई।
गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटनास्थल पर जगह-जगह ईंट-पत्थर बिखरे नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
रात के विवाद ने सुबह लिया उग्र रूप
जानकारी के अनुसार, रात में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के बाद गांव में मनोरंजन के लिए लौंडा डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कथित जातिवादी गाना बाजाने को लेकर लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई। और दोनों पक्ष में जमकर मारपीट हुई इस दौरान पंडाल के कई सामग्री को तोड़ दिया गया वहीं गाने बजाने का सामान भी तोड़ा गया।
इसके बाद एक पक्ष का कहना है कि जब वह अपने घर वापस आ रहे थे इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे घेर लिया और चार-पांच लोगों को बुरी तरह से पीटा। जिससे उसका सर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गये।
सुबह में फिर भड़क गया मामला
बताया जा रहा है कि रात में समझा-बुझाकर विवाद शांत करा दिया गया था, लेकिन सुबह यह मामला फिर भड़क उठा और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
एक ग्रामीण ने बताया कि उसके परिवार के कुछ लोग नाच-गाना देखने आए थे। सुबह जब वे वापस जा रहे थे, तभी कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। इसके बाद विवाद और बढ़ गया तथा दोनों पक्षों के बीच जमकर रोड़ेबाजी हुई।
फायरिंग की चर्चा, लेकिन पुलिस को नहीं मिला साक्ष्य
घटना के बाद गांव में गोलीबारी होने की भी चर्चा रही। हालांकि, घटनास्थल पर ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया, जिससे फायरिंग की पुष्टि हो सके। एसडीपीओ ने भी गोलीबारी की सूचना या साक्ष्य मिलने से इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल फायरिंग की बात अपुष्ट है। घटना ने गांव में तनाव को और गंभीर बना दिया।
मौके पर पहुंचे एसडीपीओ, 10 लोग हिरासत में
घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ बाढ़-1 रामकृष्ण पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
एसडीपीओ के अनुसार, नाच-गाने के दौरान उत्पन्न विवाद को रात में समझा-बुझाकर शांत कराया गया था, लेकिन सुबह मामला दोबारा भड़क गया। फिलहाल 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
अब सवाल यह है कि मनोरंजन के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिर इतना क्यों बढ़ गया कि गांव में पत्थरबाजी की नौबत आ गई? पुलिस की जांच से ही पूरे घटनाक्रम, विवाद की असली वजह और दोषियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
