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बांकीपुर में BJP का अचानक यू-टर्न! अभिषेक को बिठाकर भारी फजीहत से बच गई भाजपा

Published: Fri, 10 Jul 2026 08:41 PM (IST)

भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बदल दिया है, पहले अभिषेक बंटी को उतारा था जिनकी जगह अब नीरज ...और पढ़ें

पुराने मामलों और आरोपों को लेकर भी चर्चा

पुराने मामलों और आरोपों को लेकर भी चर्चा

HighLights

  1. भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में अपना उम्मीदवार अचानक बदल दिया।

  2. अभिषेक बंटी की जगह अब नीरज कुमार सिन्हा मैदान में।

  3. बंटी पर चारा घोटाला, महिला उत्पीड़न के गंभीर आरोप थे।

राज्य ब्यूरो, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, नामांकन के कुछ ही समय बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर लिया।

इसके बाद भाजपा ने उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। विपक्षी दल भी इसे मुद्दा बनाकर भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं।

जन सुराज ने दस्तावेज होने का किया दावा

जन सुराज से जुड़े नेताओं का दावा है कि उनके पास अभिषेक बंटी से जुड़े कुछ दस्तावेज मौजूद थे। पार्टी नेताओं के अनुसार, इन दस्तावेजों को नामांकन जांच के दौरान पेश करने की तैयारी थी।

नामाकन पत्रों की जांच के दौरान जन सुराज पार्टी इसे निर्वाची अधिकारी के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही थी। ऐसा होने पर बंटी की उम्मीदवारी खारिज हो सकती थी।

हालांकि माता-पिता पर दर्ज मुकदमों का जिक्र उम्मीदवार के शपथ पत्र में नहीं होता है। लेकिन, बंटी के मामले में इसका राजनीतिक उपयोग किया जा सकता था।

पिता पर आरोप व चार्जशीट

उनके पिता रवींद्र प्रसाद का नाम कुख्यात चारा घोटाला में आया था। वे इस कांड में चार्जशीटेड भी थे। यही वह चारा घोटाला जिसने लालू प्रसाद को सत्ता से बेदखल कर दिया है।

इसे घोटाले को उजागरण करने में भाजपा की बड़ी भूमिका थी। जसुपा कोर कमिटी के सदस्य एवं पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना के अनुसार बंटी पर महिला उत्पीड़न का भी आरोप है। उनके अनुसार शराबबंदी कानून के तहत भी बंटी पुलिस थाना का चक्कर लगा चुके हैं।

हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।

राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर इस घटनाक्रम की अलग व्याख्या कर रहे हैं। उधर भाजपा ने उम्मीदवार बदलने के फैसले पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पुराने मामलों और आरोपों को लेकर भी चर्चा

राजनीतिक चर्चाओं के दौरान अभिषेक बंटी और उनके परिवार से जुड़े पुराने मामलों का भी जिक्र किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने कुछ मामलों और आरोपों को लेकर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, इन आरोपों पर अभिषेक बंटी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं।

इसी वजह से उम्मीदवार बदलने के फैसले को कई लोग राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

हालांकि बंटी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को लिखे पत्र में चुनाव मैदान से बाहर होने का कारण व्यक्तिगत बताया है। लेकिन, यह कारण किसी को स्वीकार नहीं हो रहा है।

क्योंकि उनके परिवार में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जिसके कारण जीत की गारंटी वाली इस सीट से वह अपना नाम वापस ले लें।

नीरज कुमार सिन्हा पर लगाया गया नया दांव

भाजपा ने अभिषेक बंटी की जगह युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के भीतर उनकी छवि एक संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में मानी जाती है।

वे लंबे समय से भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उम्मीदवार बदलने का फैसला सोच-समझकर लिया गया है।

अब भाजपा नए चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। बांकीपुर उपचुनाव का मुकाबला अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है।

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