भाभी और भतीजी पर रखता था गंदी नजर, पटना में सगे भाई ने ₹1.20 लाख की सुपारी दे कराई हत्या
पटना के नौबतपुर में ऑटो चालक मिठू कुमार हत्याकांड का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा कर दिया है। पारिवारिक ...और पढ़ें

1.20 लाख की सुपारी दे कराई हत्या (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
नौबतपुर ऑटो चालक मिठू कुमार हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा।
पारिवारिक विवाद के कारण सगे भाई ने सुपारी देकर हत्या करवाई।
पुलिस ने आरोपी भाई और दो सुपारी किलरों को किया गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नौबतपुर। नेवां पुल के नीचे हुए बहुचर्चित ऑटो चालक मिठू कुमार हत्याकांड का पुलिस ने 72 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड के पीछे किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के ही सगे भाई ने पारिवारिक कलह के कारण हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी भाई समेत दो सुपारी किलरों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अभिनय कुमार उर्फ सूरज,शंकर कुमार ,आशीष कुमार तीनों नवीनगर दुल्हिन बाजार एवं सोहन उर्फ अर्जुन बिहटा थाना के श्री रामपुर शामिल है।
बता दें कि शुक्रवार की रात नौबतपुर के नेवां पुल के नीचे ऑटो चालक मिठू कुमार (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक बिहटा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर महादेवपुर फुलवारी निवासी स्व. श्रीराम भगत का पुत्र था। पुलिस ने घटनास्थल से मृतक का ऑटो भी बरामद किया था।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
सिटी एस पी मध्य चंद्र प्रकाश ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को मृतक के परिवार पर ही शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर मृतक के भाई सोहन कुमार उर्फ अर्जुन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी सोहन उर्फ अर्जुन ने बताया कि मिठू की नजर उसकी पत्नी पर रहती थी,पूर्व में भी वह उसकी पत्नी के साथ जोर जबरदस्ती करता था,जिससे आजिज होकर चार वर्ष पूर्व उसका गुप्तांग काट दिया था,बावजूद इसके उसके आचरण में सुधार नहीं हुआ। इधर कुछ दिनों से मिठू की गन्दी नजर भतीजी पर पड़ गई। जिसके बाद उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
रिजर्व के बहाने बुलाकर मारी गोली
आरोपी भाई ने अपने दो जान-पहचान के बदमाशों को एक लाख 20 हजार रुपये की सुपारी दी। योजना के तहत बदमाशों ने शुक्रवार शाम मिठू का ऑटो रिजर्व किया और उसे नेवां पुल के पास सुनसान जगह पर ले गए, जहां पेसाब करने के बहाने ऑटो को रुकवाया।
ऑटो रुकते ही बदमाशों ने मिठू के सिर और सीने में गोली मार दी और ऑटो वहीं छोड़कर फरार हो गए।घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर अपने मित्र आशीष को बाइक लेकर बुलाया और उसके साथ भाग निकले।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया एक पिस्टल, सात कारतूस,दो मैगजीन,तीन मोबाइल,एक बाइक और 92 हजार रुपया बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस उन्हें जेल भेजने की तैयारी में है। छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष नंदन कुमार सिंह, एसआई रंजीत कुमार,आशीष कुमार,मोहित कुमार ने गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका निभाई।
