जागरण संवाददाता, पटना : यातायात नियमों को तोड़ने वालों की अब खैर नहीं। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से यातायात नियमों को तोड़ने वालों के पास दंड के साथ चालान पहुंच जाएगा। तेज रफ्तार गाड़ी चलाने, ओवर लोडिंग, सिग्नल के नियमों का पालन नहीं करने, हैलमेट नहीं पहनने सहित सभी प्रकार की गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हो जाएंगी। चौक-चौराहे पर पुलिस की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। 15 अगस्त को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कार्य करने लगेगा। प्रथम चरण में 42 स्थानों पर लगे 500 कैमरे लगाए गए हैं। इनसे ट्रैफिक की निगरानी होगी। तीन चरणों में कुल 2588 कैमरे लगाए जाने हैं। कैमरे का यातायात नियमों का पालन कराने तथा अपराध पर नियंत्रण करने में पुलिस उपयोग करेगी। यह जानकारी पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मोहम्मद शमशाद और मुख्य वित्त पदाधिकारी प्रविंद सिंह ने दी। सातवीं वर्षगांठ पर पौधारोपण भी किया गया।   

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया था। पटना का चयन तीसरे चरण में नौ नवंबर 2017 को हुआ था। देश भर में स्मार्ट सिटी मिशन की सातवीं वर्षगांठ मनायी जा रही है। चरणबद्ध तरीके से अत्याधुनिक कैमरों की स्थापना एवं आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। प्रथम चरण में दानापुर से गांधी मैदान और पटना जंक्शन तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। बेलीरोड, स्टेशन, डाकबंगला, फ्रेजररोड, कुदमकुआं, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, गांधी मैदान के आसपास के क्षेत्र शामिल है। चिडिय़ाघर गेट नंबर एक, गांधी मैदान गेट संख्या 5,10, अंटा घाट, डाकबंगला चौराहा, हाईकोर्ट मोड़, हड़ताली मोड़ समेत कुल 42 स्थान पर 500 कैमरे लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में परियोजना के तहत 220 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर बिछाया जाएगा। सभी कैमरों से प्राप्त फीड को करीब 11पीबी क्षमता के स्टोरेज में सुरक्षित रखा जाएगा।

सर्वर रूम का कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा

वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के कार्यालय परिसर में अवस्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भवन के पहले तल पर सर्वर रूम का कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। दूसरे तल एवं तीसरे तल पर वीडियो कंट्रोल सेंटर तैयार हो रहा है। यहां से विभिन्न सेवाओं की मानिटरिंग की व्यवस्था के लिए डबल हाइट फ्लोर स्क्रीन लगायी जा रही है। दूसरे और तीसरे चरण में पटना के सभी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। 300 महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे कैमरे को इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमान सेंटर से उसके चारों तरफ सभी दिशाओं में मूव कराकर देखा जा सकता है। 221. 49 करोड़ की लागत से इस परियोजना को जनवरी 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

डायल-100 की भी होगी निगरानी

बिहार पुलिस की डायल-100 सेवा को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ इंटीग्रेड कर पूर्व से लगे कैमरों की फीड की मानिटरिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। साथ ही शहरभर में कचरा उठाव एवं पटना नगर निगम की सभी ई-गवर्नेंस सेवाओं को भी डाटा सेंटर के साथ इंटीग्रेट कर दिया गया है। जैसे-जैसे कैमरों और आप्टिकल फाइबर लगाने का कार्य पूर्ण होता जाएगा, वैसे-वैसे उनके फीड की मानिटरिंग का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। सीसीटीवी, रेड लाइट वायलेशन सिस्टम, एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड वायलेशन डिटेक्शन के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं। 

Edited By: Akshay Pandey