Move to Jagran APP

Patna: राजधानी का ही बुरा हाल, कहीं ATM बंद तो कहीं कैश आउट; पैसा निकालने के लिए भटकते रहे उपभोक्ता

ATMs Closed or Cash Out in Patna राजधानी में एटीएम के बंद होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई। सप्ताह के पहले दिन ही पटना के पाटलिपुत्र पटेल नगर राजीव नगर बोरिंग रोड रुकनपुरा राजाबाजार जगदेवपथ कंकड़बाग इलाके में उपभोक्ताओं को पैसे निकालने के लिए कई चक्कर लगाने पड़े।

By Nalini RanjanEdited By: Ashish PandeyPublished: Tue, 28 Mar 2023 10:07 AM (IST)Updated: Tue, 28 Mar 2023 10:07 AM (IST)
पटना में कहीं एटीएम बंद तो कहीं कैश आउट, पैसा निकालने के लिए भटक रहे उपभोक्ता। जागरण

जागरण संवाददाता, पटना: राजधानी पटना में एटीएम के बंद होने या कैश आउट होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सोमवार को सप्ताह के पहले दिन राजधानी के पाटलिपुत्र, पटेल नगर, राजीव नगर, बोरिंग रोड, रुकनपुरा, राजाबाजार, जगदेवपथ, कंकड़बाग इलाके में उपभोक्ताओं को पैसे निकालने के लिए कई जगह चक्कर लगाने पड़े।

पाटलिपुत्र में पैसे की निकासी करने आए जितेंद्र कुमार ने बताया कि एसबीआइ व बैंक आफ इंडिया के एटीएम हैं। एक में कैश आउट है तो दूसरा बंद है। बोरिंग रोड व कुर्जी मोड़ पर एटीएम में गए, लेकिन वहां भी कैश आउट होने से अब कहीं और जा रहे हैं। पटेल नगर की ज्योति ने बताया कि लाल बाबू मार्केट से लेकर बी भट्टाचार्या रोड तक कई एटीएम हैं, लेकिन एक-दो में ही कैश है।

राजधानी में कई एटीमए बंद

स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में विभिन्न बैंकों के 1,500 एटीएम हैं। बीते एक वर्ष में लगभग सभी बैंकों के काफी एटीएम बंद हो गए हैं। इनमें एचडीएफसी का कांटी फैक्ट्री रोड स्थित एटीएम, किदवईपुरी में पीएनबी, कंकड़बाग आटो स्टैंड के पास एसबीआइ, मीठापुर में सीबीआइ, अशोक राजपथ में बीओआइ आदि के एटीएम शामिल हैं।

10 घंटे से अधिक बंद रहने पर जुर्माना

आरबीआइ के निर्देशानुसार, एक महीने में 10 घंटे से अधिक समय तक एटीएम बंद रहने पर संबंधित बैंक पर जुर्माना किया जाता है। इसकी निगरानी के लिए आरबीआइ की ओर से सेल गठित की गई है। इस समय सीमा में कैश आउट होने पर भी जुर्माना निर्धारित है।

'एटीएम की संख्या लगातार हो रही कम'

आल इंडिया बैंक आफिर्स एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष डा. कुमार अरविंद व संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि एटीएम के प्रबंधन में सुस्ती दिखती है। बैंकों का प्रबंधन कम हिट का तर्क देता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था शून्य होना भी एक बहुत बड़ा कारण है। आए दिन उपभोक्ताओं के साथ एटीएम से निकलते ही छिनतई हो जाती है। बैंक भी लगातार एटीएम की संख्या में कटौती कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआइ के सख्त नियमों के कारण बैंकों व एटीएम मशीनों को लेकर जरूरी बदलाव करने पड़ रहे हैं।


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.