यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाय मेरा दिल और कंजूस के नाटक मंचन ने लोगों को खूब हंसाया
कला जागरण द्वारा आयोजित हास्य नाट्य महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को 'हाय मेरा दिल और कंजूस नाटक का मंचन किया गया।

कला जागरण द्वारा आयोजित हास्य नाट्य महोत्सव के तीसरे दिन कालीदास रंगालय में बुधवार को 'हाय मेरा दिल और कंजूस' नाटक का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब पसन्द किया। नटसम्राट, नई दिल्ली की पहली प्रस्तुति 'हाय मेरा दिल' मदन नाम के वहमी आदमी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे हमेशा इस बात का वहम रहता है कि उसे कोई न कोई बीमारी है। एक दिन सीने मे दर्द होने पर वह डा. घोष को बुलाता है तो उसे मरने का भ्रम होता है। इससे अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न होती है। मदन की पत्नी को लगता है यह सब दूसरी शादी के चक्कर में जानबूझकर कर रहा है। आखिरकार वह अपने बुने जाल में खुद फंस जाता है। मंच पर कलाकारों में मदन (ललित जोशी ), उषा (मुनमुन), मोहन (दीपक यादव), अजीत( राकेश कुमार कौडिन्य), अरविंद (राजेश बक्शी), डा. घोष (नितेश कुमार), बेग (पीके ख्याल), आदमी (सतीश शुक्ला), चोर (शिवम), लड़की (रिया शर्मा) ने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। मंच के पीछे इनकी रही भूमिका : मंच के पीछे स्टेज मैनेजर (सुनील राठौर), सेट(अन्नु शर्मा), मंच सामग्री (रेखा देवी), वस्त्र विन्यास (ऐश्वर्या राठौर), रूपा सज्जा (पायल रानी), संगीत (मो. अहमद, नरेन्द्र कुमार), संगीत संचालन (सतीश शुक्ला), प्रकाश (भोपाल सिंह) तथा रणवीर सिंह लिखित नाटक का डिजाइन एवं निर्देशन श्याम कुमार ने किया। प्यार के गड़बड़झाले में लोटपोट हुए दर्शक
दूसरी प्रस्तुति रिफ्लेक्शन इंडिया परफॉर्मिग आर्ट्स, मुंबई के कलाकारों ने मोल्यिर लिखित कंजूस का मंचन फरीद अहमद के निर्देशन में किया। नाटक में मिर्जा शेखावत की इच्छा अपनी बेटी की शादी एक धनवान बुजुर्ग से करने की है, लेकिन उसे किसी और से प्यार है। दूसरी ओर खुद मिर्जा साहब मरियम नाम की लड़की से प्यार करते हैं, जिसे मिर्जा साहब के बेटे भी प्यार करते हैं। प्यार के गड़बड़झाले में दर्शक हंसते-हंसते लोट-पोट होते रहते हैं। इस नाटक में अजरा (आम्रपाली आहिरे), नासिर (अभिषेक पोखरियाल), फारूख (उल्लहास दीमान), मिर्जा शेखावत (फरीद अहमद), नब्बू (शुभम चक्रवर्ती), दलाल (प्रवीण सिंह) आदि ने अभिनय किया।
नुक्कड़ नाटक का भी किया प्रदर्शन
इसके पूर्व द आर्ट मेकर के कलाकारों ने विजयदान लिखित आदमखोर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन राहुल कुमार के निर्देशन में किया। एक लालची, घमंडी और दूसरे का सुख देखकर जलने वाले ब्राह्मण की कहानी में शशाक सुधाशु, अविनाश कुमार, आदित्य राज, लालजी प्रसाद, संजीव कुमार और आशीष मिश्र सहित अन्य कलाकारों ने भाग लिया।
