पटना। ज्ञान भवन में चार दिवसीय महिला उद्योग मेले का समापन सोमवार को हुआ। मेले के आखिरी दिन लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदारी करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी भरपूर आनंद उठाया। मेले में सबसे ज्यादा बिक्री बिहारी लोक कलाओं वाली पेंटिंग्स की हुई। इसके अलावा शहद, हर्बल साबुन जैसे उत्पाद भी खूब बिके।

मेले के समापन समारोह के दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, उद्योग विभाग की प्रधान सचिव डॉ. एन विजयालक्ष्मी तथा खान एवं भू-तत्व विभाग की प्रधान सचिव सह प्रबंध निदेशक महिला विकास निगम की हरजोत कौर मौजूद थीं। सभी अतिथियों ने बेहतर मार्केटिंग करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। चार दिवसीय मेले में लगभग 25 लाख रुपये का कारोबार हुआ। मेले में सौ से अधिक स्टॉल महिला उद्यमियों ने लगाए थे, जिसमें 16 जिलों से 130 से ज्यादा उद्यमियों ने अपने उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी की। यहां 12 स्टॉल जॉब फेयर के लिए लगाए गए थे। रोजगार मेला में 32 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर 1200 कौशलयुक्त महिलाओं एवं युवतियों में 842 को जॉब लेटर प्रदान किया।

महिला उद्यमियों को किया गया सम्मानित -

मेले में सबसे अधिक उत्पादों की बिक्री करने वाले महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इनमें स्मिता पराशर को 90 हजार, सुमन 74 हजार, सुचित्रा दयाल ने 61 हजार रुपये का कारोबार किया। इनमें स्मिता और सुचित्रा ने पेंटिंग्स का स्टॉल लगाया था, जबकि सुमन ने शहद का स्टॉल लगाया था। वही नवाचार उद्यमिता के लिए नुपुर नारायण, स्टार्टअप के लिए सिन्नी सोसिया को पुरस्कृत किया गया।

लगातार होते रहेंगे आयोजन -

मेले के समापन पर डॉ. एन विजयालक्ष्मी ने कहा कि महिलाओं को निगम की ओर से बेहतर मंच मिला है। आने वाले दिनों में भी निगम की ओर से इस प्रकार के मेले का आयोजन होता रहेगा। दीपावली के मौके पर राष्ट्रीय स्तर के मेले का आयोजन किया जाएगा। महिला उद्यमियों से कहा कि मेले को लेकर अच्छी प्रकार से अपनी तैयारी कर लें। इसमें निगम का सहयोग रहेगा। उन्होंने निगम की ओर से चल रही योजनाओं की जानकारी भी दी।

लोगों ने उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद -

मेले के समापन पर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बनारस की प्राची राज और संजीत कुमार की जोड़ी ने एक से बढ़कर एक गीतों को पेश कर सभी का दिल जीता। कलाकारों ने 'एक हसीना एक दीवाना था..', 'मंजिलें अपनी जगह..', 'वो कागज की कश्ती वो दरिया का पानी..' जैसे गीतों को पेशकर सभी का मनोरंजन कराया।

निगम की उपलब्धियों को गिनाया

प्रधान सचिव ने कहा कि बाल विवाह का विरोध करके जो लड़कियां घर से बाहर निकली हैं उन्हें निगम की ओर से पुरस्कृत भी किया गया है। वही महिलाओं से संबंधित माहवारी स्वच्छता पर भी कार्य आरंभ किया गया है। निगम की ओर से किशोर-किशोरियों का समूह बनाकर जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कहा कि निगम के पास काम की कमी नहीं है। निगम कन्या उत्थान योजना और मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को आगे बढ़ा रही है। महिला हेल्पलाइन योजना का संचालन भी निगम की ओर से किया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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