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51 लाख का महादंगल और बाहुबली का जलवा: अनंत सिंह के अखाड़े में उमड़ा जनसैलाब, ईरान के पहलवान तक उतरे मैदान में

By BRAJ KISHOR SINGHEdited By: Radha Krishna
Published: Fri, 03 Apr 2026 05:29 PM (IST)Updated: Fri, 03 Apr 2026 10:57 PM (IST)

मोकामा के नदवां गांव में अनंत सिंह ने भव्य महादंगल का आयोजन किया, जिसमें देश-विदेश के पहलवानों ने भाग लिया। लगभग 10 हजार दर्शक अनंत सिंह को देखने पहुंचे।

मोकामा के नदवां गांव में आज महादंगल का भव्य आयोजन

मोकामा के नदवां गांव में आज महादंगल का भव्य आयोजन

HighLights

  1. मोकामा में अनंत सिंह ने भव्य महादंगल आयोजित किया।

  2. विजेता को 51 लाख रुपये और चांदी की गदा मिलेगी।

  3. ईरान के पहलवान जलाल ने भी दंगल में हिस्सा लिया।

जागरण संवाददाता, मोकामा(पटना)। मोकामा के नदवां गांव में आज महादंगल का भव्य आयोजन हुआ। इस आयोजन की कमान अनंत सिंह ने संभाली। दंगल में देश-विदेश के पहलवानों ने हिस्सा लिया।

करीब 10 हजार दर्शकों की भीड़ मौके पर मौजूद रही। लोगों का कहना था कि वे कुश्ती से ज्यादा अनंत सिंह को देखने आए हैं। पूरा इलाका मेले जैसा नजर आया।

विजेता के लिए 51 लाख 

महादंगल के विजेता को 51 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा हुई। ईरान के पहलवान जलाल भी इस दंगल में पहुंचे हैं।

अखाड़े में बाहुबली का स्टाइल, गमछा लहराया

अनंत सिंह खुद अखाड़े में घूम-घूमकर मुकाबले देख रहे हैं। सिर पर साफा और हाथ में गमछा लिए उनका अंदाज चर्चा में रहा। उनके साथ उनके बेटे अभिनव सिंह भी मौजूद रहे।

दर्शक उनके हर मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थे। उनकी मौजूदगी ने दंगल को और खास बना दिया। पूरा माहौल जोश और उत्साह से भरा रहा।

गुंजन सिंह के गानों पर झूमा अखाड़ा

दंगल में गुंजन सिंह ने भी मंच संभाला। उन्होंने अपने हिट भोजपुरी गानों से माहौल बना दिया। गमछा वाला गाना बजते ही अनंत सिंह भी झूम उठे।

खुद गमछा लहराकर उन्होंने लोगों का उत्साह बढ़ाया। दर्शक भी गानों पर थिरकते नजर आए। अखाड़ा कुछ देर के लिए म्यूजिक शो में बदल गया।

जेल से बाहर आते ही पहला बड़ा शो

हाल ही में अनंत सिंह जेल से बाहर आए हैं। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह उनका पहला बड़ा आयोजन है। इसी वजह से इस दंगल की चर्चा और बढ़ गई है।

वे खुद पूरे आयोजन की निगरानी कर रहे हैं। हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। इसे उनके पावर शो के तौर पर भी देखा जा रहा है।

दुश्मनी से श्रद्धांजलि तक की कहानी

यह महादंगल विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ। विवेका पहलवान का असली नाम विवेक सिंह था। वे बिहार केसरी जैसे खिताब जीत चुके थे।

कभी अनंत सिंह और उनके बीच गहरी दुश्मनी रही थी। दोनों के बीच लंबे समय तक गैंगवार भी चला। लेकिन बाद में रिश्ते सामान्य हो गए थे।

अखाड़े की मिट्टी से लेकर भोज तक खास इंतजाम

खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए अखाड़े की मिट्टी को मशीन से तैयार किया गया। ताकि कुश्ती के दौरान किसी को चोट न लगे। बाहर से आए लोगों के लिए भोज का भी इंतजाम किया गया।

पूरे आयोजन को मेले जैसा रूप दिया गया। हर वर्ग के लोग इस दंगल का आनंद लेने पहुंचे।यह आयोजन खेल के साथ-साथ शक्ति प्रदर्शन भी बन गया।