'अनंत कथा' की पूर्णाहुति की जिम्मेदारी ललन सिंह को, अनंत-नीरज के विवाद पर अब क्या होगा अगला कदम?
जदयू विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय ...और पढ़ें

जनसुराज प्रत्याशी के नामांकन में पहुंचे अनंत
HighLights
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद सुलझाएंगे ललन सिंह।
अनंत सिंह ने जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का किया समर्थन।
जदयू नेतृत्व विवाद समाधान पर केंद्रित, अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव।
राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को दी गई है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस संबंध में जानकारी दी।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार जदयू के उम्मीदवार हैं, जबकि अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी डा. अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं।
जनसुराज प्रत्याशी के नामांकन में पहुंचे अनंत
अनंत सिंह पहले ही अनुज सिंह के समर्थन में काम करने की बात कह चुके हैं। गुरुवार को वह अनुज सिंह की नामांकन रैली में भी शामिल हुए।
इससे जदयू के अंदर अनंत और नीरज के बीच चल रहा विवाद चुनावी मैदान में भी सामने आ गया। नीरज कुमार इस चुनाव में जदयू के उम्मीदवार हैं।
संजय झा ने कहा- नेतृत्व के संज्ञान में मामला
इस पूरे प्रकरण पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह मामला नेतृत्व के संज्ञान में है और उम्मीद है कि विवाद सुलझ जाएगा। संजय झा ने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे प्रकरण में अनंत सिंह से जुड़े कुछ विषय भी हैं।
मोकामा और मुंगेर का राजनीतिक कनेक्शन
ललन सिंह को जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे मोकामा क्षेत्र का मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में होना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनंत सिंह मोकामा से विधायक हैं, जबकि मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ललन सिंह करते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं के बीच संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी उन्हें दी है।
अनंत के पुराने आरोप भी चर्चा में
संजय झा की टिप्पणी में अनंत सिंह के उस आरोप का भी संदर्भ आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा के चार चुनावों में नीरज कुमार ने उनका विरोध किया।
दूसरी ओर, अनंत सिंह का मौजूदा रुख भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि वह जदयू प्रत्याशी के बजाय जनसुराज उम्मीदवार के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं।
समाधान नहीं निकला तो अनुशासन का सवाल
अनंत सिंह के जनसुराज प्रत्याशी के समर्थन में सामने आने के बाद जदयू में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चर्चा भी शुरू हुई है।
पार्टी के स्तर पर इस मामले को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह ललन सिंह के प्रयास और अनंत सिंह के रुख में संभावित बदलाव पर निर्भर करेगा। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से विवाद को सुलझाने की कोशिश पर जोर दिया जा रहा है।
