पटना, एसए शाद। रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा अपने दूसरे चरण का आंदोलन दिसंबर के तीसरे सप्ताह में आरंभ करेंगे। अभी वह इलाज के लिए दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। वहां से बाहर निकलते ही वह आंदोलन की तिथि निर्धारित करेंगे। केंद्रीय विद्यालयों को जमीन देने एवं प्रदेश में शिक्षा सुधार के लिए उचित कदम उठाने की मांग को लेकर वह पहले चरण में पिछले माह 26 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठे थे। उन्होंने अपना आमरण अनशन महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर समाप्त किया था, जिसके तुरंत बाद से वे दिल्ली एम्स में इलाज के लिए भर्ती हैं।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में वह सबसे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आवास का घेराव करेंगे। उन्हें वह सारे दस्तावेज दिखाएंगे, जिससे यह पता चलेगा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री की हैसियत से उन्होंने कितने काम किए। मोदी ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि केंद्र में मंत्री रहते उन्होंने बिहार के लिए कुछ नहीं किया।

इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा की जनसंवाद यात्रा आरंभ होगी, जिसमें वह केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन और प्रदेश में शिक्षा सुधार की मांग भी उठाएंगे। पार्टी के अंदर यह विचार चल रहा है कि जनसंवाद यात्रा औरंगाबाद के देवकुंड से आरंभ कर नवादा में संपन्न की जाए। इन दोनों जगहों पर केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए वह जमीन की मांग कर रहे हैं। देवकुंड से लेकर नवादा तक की पदयात्रा होगी। मगर, इस कार्यक्रम को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। 

पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेश यादव ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा अभी एम्स में भर्ती हैं। डाॅक्टर की सलाह को ध्यान में रखकर ही वह आगे की रणनीति बनाएंगे। मगर यह तय है कि दूसरे चरण के आंदोलन में वह सबसे पहले सुशील कुमार मोदी के आवास जाएंगे। उपेंद्र कुशवाहा इस बीच महागठबंधन के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे और उन्हें अपने इस आंदोलन में शामिल करने का प्रयास करेंगे। प्रथम चरण में उन्हें महागठबंधन के सभी दलों का सक्रिय सहयोग मिला था। विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने तो उनके समर्थन में खुद आमरण अनशन आरंभ कर दिया था। महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर उन्होंने भी अपना अनशन उपेंद्र कुशवाहा के साथ ही समाप्त किया था।

Posted By: Rajesh Thakur

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