जागरण संवाददाता, पटना : BPSC 64th Exam News: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के समक्ष क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करना एक छात्रा को महंगा पड़ गया। 64वीं संयुक्त परीक्षा की एक छात्रा के परिणाम जारी होने के डेढ़ माह बाद ही रजल्ट रद कर दिया गया। बीपीएससी ने 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में छात्रा के कागजात की समीक्षा में पाया है कि बिहार विधानसभा के प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थी को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया। साक्षात्कार के दिन उक्त छात्रा ने अपना क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र मूल में प्रस्तुत कर सत्यापन नहीं कराया। आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि उक्त छात्रा का परीक्षाफल रद कर दिया गया। बता दें कि पहले भी बीपीएससी ने छात्रों के परिणाम रद किए हैं। 

प्रवेश पत्र में नहीं है फोटो तो लाना होगा साक्ष्य

बीपीएससी के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने 64वीं संयुक्त मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा के अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि उनके द्वारा आनलाइन आवेदन में अपलोड किया गया फोटो व हस्ताक्षर अस्पष्ट है तो उन्हें साक्ष्य लाना होगा। इसके लिए अभ्यर्थी 29 जुलाई को संबंधित परीक्षा केंद्रों पर केंद्राधीक्षक को घोषणा पत्र भर कर राजपत्रित पदाधिकारी से अभिप्रमाणित रंगीन फोटो चिपकाएंगे। साथ ही निर्धारित जगह पर हिंदी व अंग्रेजी में हस्ताक्ष करेंगे। साथ ही वह अपने साथ पहचान पत्र के रूप में पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी कार्ड आदि में से एक की छायाप्रति जमा करना होगा। साथ ही सत्यापन के लिए इन प्रमाण पत्र की मूल कापी साथ रखनी होगी। बता दें कि बीपीएससी की 64वीं परीक्षा में 1454 छात्रों का चयन किया गया था। बीपीएससी की इस भर्ती परीक्षा के लिए चार लाख 71 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। दिसंबर 2018 में आयोजित की गई प्रारंभिक परीक्षा में करीब तीन लाख छात्र व छात्राएं शामिल हुई थीं। 

Edited By: Akshay Pandey