पटना, आनलाइन डेस्क। बिहार में जातीय जनगणना (Caste Based Census) के मुद्दे पर एक बार से राजनीति शुरू हो गई है। बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बुधवार को सदन के बाहर इस मुद्दे को उठाया था और विधान मंडल के शीतकालीन सत्र के बीच जातीय जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(CM Nitish Kumar) से नेता प्रतिपक्ष ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि, बिहार में जातीय जनगणना तय है।

सरकार अपने पैसे पर कराए जातीय जनगणना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि, विपक्षी दलों ने जातीय जनगणना को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, जैसा पहले भी बताया गया है कि अगर केन्द्र सरकार (Central Government) जाति आधारित जनगणना नहीं कराती तो बिहार सरकार इसे अपने खर्च पर कराए। उन्होंने कहा कि इस पर निष्कर्ष निकला है। जातीय जनगणना को लेकर तीन से चार दिनों के अंदर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में यह चर्चा होगी कि जाति आधारित जनगणना का प्रारूप क्या होगा। इस बैठक के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

बिहार में जातीय जनगणना होना तय'

नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 51 प्रतिशत गरीब लोग हैं। इन लोगों की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के विकास के लिए जातीगत जनगणना बेहद जरुरी है। जब तक ही डाटा नहीं होगा समाज के हर तबके का विकास नहीं हो पाएगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि जाती आधारित जनगणना के लिए राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पहल की थी। उन्होंन कहा कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहा है था। सड़क से संसद तक हमलोगों ने मांग की। तेजस्वी यादव ने कहा, सरकार इस सत्र में इसको लेकर घोषणा कर देती तो अच्छा होता। उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना होना तय है। 

Edited By: Rahul Kumar