पटना में केस निपटाने में ढिलाई पड़ी भारी, SP कोमल मीणा ने 12 थानों के 72 पुलिस अफसरों की सैलरी रोकी
पटना में 72 पुलिस अधिकारियों का वेतन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मामलों का निपटारा न करने के कारण रोक दिया गया है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
पटना में 72 पुलिस अधिकारियों का वेतन रोका गया।
कांडों के निष्पादन में लापरवाही के कारण यह कार्रवाई हुई।
ग्रामीण एसपी कोमल मीणा ने दिए वेतन रोकने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, पटना। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कांडों का निष्पादन नहीं करना पटना जिले के 72 पुलिस पदाधिकारियों को महंगा पड़ा है।
पटना की ग्रामीण एसपी कोमल मीणा ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
सितंबर की मासिक अपराध गोष्ठी में कांडों के निष्पादन की समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया। अपराध गोष्ठी में पाया गया कि संबंधित अनुसंधानकर्ताओं ने निर्धारित न्यूनतम लक्ष्य के अनुसार मामलों का अंतिम रूप से निष्पादन नहीं किया।
पुलिस पदाधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर अनुसंधान पूरा कर कांडों का निष्पादन करना होता है। इसके बावजूद लक्ष्य से कम मामलों का निपटारा किए जाने पर ग्रामीण एसपी ने कार्रवाई का निर्देश दिया।
वेतन रोकने की कार्रवाई दीदारगंज, मोकामा, मरांची, बाढ़, फतुहा, बख्तियारपुर, सालिमपुर, अथमलगोला, खुसरूपुर, नदी और पंडारक थानों के अनुसंधानकर्ताओं पर की गई है।
इन थानों के कुल 72 पुलिस पदाधिकारियों को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। ग्रामीण एसपी ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान और कांडों के निष्पादन में ढिलाई बरतना वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी है।
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