यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार में एमएसपी पर 4.80 लाख किसान बेचेंगे धान, मदद के लिए इस नंबर पर करें काल
पहले चरण में कोसी और पूर्णिया प्रमंडल में किसानों से धान खरीद की जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना : प्रदेश में सोमवार से धान खरीद शुरू हो गई। पहले चरण में कोसी और पूर्णिया प्रमंडल में किसानों से धान खरीद की जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1940 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर तकरीबन 4.80 लाख किसान धान बेचेंगे। 31 अक्टूबर तक जो किसान निबंधन नहीं कराए हैं, वो 15 नवंबर तक तक निबंधन करा सकते हैं। किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए 24 घंटे काम करने के लिए कंट्रोल रूम एवं काल सेंटर बनाया गया है और टाल फ्री नंबर-1800 1800 110 जारी किया गया। इससे बिक्री से लेकर भुगतान तक का समाधान होगा।
सहकारिता मंत्री सुबाष सिंह ने काल सेंटर का उद्घाटन करते हुए पत्रकारों को बताया कि यह सातों दिन और चौबीस घंटे काम करेगा। इसके माध्यम से किसानों की शिकायतें ली जाएंगी और उसका समाधान भी कराया जाएगा। इसके अलावा फसल सहायता योजना के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। आनलाइन शिकायतें मिलने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों से तत्काल समाधान करने को कहा जाएगा। मौके पर सहकारिता सचिव वंदन प्रेयसी ने बताया कि 10 नम्बर से दूसरे चरण में तिरहुत, दरभंगा एवं सारण और 15 नवंबर से सभी जिलों में धान खरीद होगी। फिलहाल 7,000 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों को धान खरीद के लिए तैयार कर लिया गया है। रैयत किसानों से 250 क्विंटल एवं गैर-रैयत किसानों से 100 क्विंटल धान खरीद होगी
- - किसानों की मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित और टाल फ्री नंबर-1800 1800 110 जारी
- - रैयत किसानों से 250 क्विंटल एवं गैर-रैयत किसानों से 100 क्विंटल धान खरीद होगी
- - नालंदा जिले में सबसे ज्यादा 39,967 किसानों ने कराया निबंधन
- - पटना जिले में 30,654 और रोहतास में 36,706 किसान निबंधित
निबंधित किसानों के जिलेवार आंकड़े
अररिया में 10697, अरवल में 8761, औरंगाबाद में 17970, बांका में 14077, बेगूसराय में 4627, भागलपुर में 10133, भोजपुर में 15168, बक्सर में 12418, दरभंगा में 6155, पूर्वी चंपारण में 14197, गया में 21017, गोपालगंज में 3237, जमुई में 8332, जहानाबाद में 12561, कैमूर में 20251, कटिहार में 8446, खगडिय़ा में 960, किशनगंज में 6990, लखीसराय में 12877, मधेपुरा में 12307, मधुबनी में 9290, मुंगेर में 3613, मुजफ्फरपुर में 10999, नालंदा में 39967, नवादा में 11715, पटना में 30654, पूर्णिया में 14385, रोहतास में 36706, सहरसा में 10972, समस्तीपुर में 12973, सारण में 10259, शेखपुरा में 5767, शिवहर में 2473, सीतामढ़ी में 9821, सीवान में 15937, सुपौल में 21458, वैशाली में 2598, पश्चिम चंपारण में 8482 किसान निबंधित हैं।
