पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: जाति आधारित जनगणना (Caste Based Census) के मसले पर भाजपा (BJP) और जदयू (JDU) के बीच दूरी बढ़ती दिख रही है। जदयू जहां इसी साल जनगणना में तुरंत जाति का कालम जोड़ने के लिए दबाव बढ़ाते जा रहा है, वहीं भाजपा के कई नेता इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अब बिहार विधान परिषद सदस्‍य और भाजपा के उपाध्‍यक्ष डा प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के जातिगत जनगणना की मांग को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्‍होंने इसकी कड़ी भर्त्‍सना की है। हालांकि उन्‍होंने इस मामले में विपक्ष के स्‍वर के साथ खड़े दिख रहे जदयू का नाम नहीं लिया।

वोट बैंक के रूप में गरीबों को भटकाने की साजिश

भाजपा एमएलसी प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि गरीबों को गरीब रहने देने और उन्हें वोट बैंक के रूप में आगे भी इस्तेमाल करने का यह षड्यंत्र है। जातिगत वोट बैंक के जरिए जनाधार बनाने, राजनीति में दबाव डालने और लोगों को मुख्य मुद्दा से भटकाने के लिए केंद्र सरकार की आॢथक आधार पर जनगणना का विरोध किया जा रहा है।

जदयू भी कर रहा है जाति आधारित जनगणना की मांग

बिहार में भाजपा का सहयोगी दल जदयू ने शनिवार को राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी यह मसला उठाया। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार खुद इस विषय पर बोल चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की भी तैयारी में हैं। बिहार में एनडीए के एक और सहयोगी जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी ऐसी ही मांग कर रही है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी ने इस मसले पर सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। उन्‍होंने कहा था कि सीएम उनकी बात पर सिद्धांत रूप से सहमत हैं।

मेडिकल कॉलेज में ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण : चौहान

भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयनाथ चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इतिहास में पहली बार मेडिकल नामांकन में ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने ऐतिहासिक फैसला किया है। इससे पहले आल इंडिया मेडिकल कोटा में सिर्फ एससी-एसटी को ही आरक्षण था। देश का सबसे बड़ा वर्ग जिसकी आबादी आधा से भी अधिक है वह आरक्षण से वंचित था। चौहान ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की।

बालू खनन में बड़े नौकरशाहों पर सुनिश्चित हो कार्रवाई : सुधीर शर्मा

भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि बालू की चोरी रोकने के लिए दो एसपी के अलावा छोटे काङ्क्षरदों का निलंबन पर्याप्त नहीं है। सरकार बड़े नौकरशाहों को चिह्नित कर कार्रवाई सुनिश्चित करे। राज्य सरकार बालू के धंधे में लूट को रोकना चाहती है तो बड़े अधिकारियों की संपत्ति की जांच ईडी या ईओयू से कराए। छोटी मछलियों को पकडऩे से यह धंधा रुकने वाला नहीं है।