पटना, राज्य ब्यूरो । प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने को लेकर सरकार की चल रही कोशिशें आने वाले दिनों में अब और तेजी से दौड़ती दिखेगी। इसकी राह में पैसों की कमी की बड़ी बाधा को दूर करने का रास्ता सरकार ने खोज निकाला है। जल्द ही लागू होने जा रही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से राज्य सरकार के खजाने में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी।

स्‍कूलों-कॉलेजों में नियुक्ति की घोषणाा

फिलहाल प्रदेश के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों में सामान्य विषयों के अलावा बाजार की मांग के अनुरुप नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग के प्रस्तावित बजट में 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों एवं 30020 माध्यमिक शिक्षकों की जल्द नियुक्ति करने की चर्चा है साथ ही साथ विश्वविद्यालयों में 6 हजार से ज्यादा नए शिक्षकों की नियुक्ति जल्द आरंभ करने का भी ऐलान है। इनमें ज्यादा शिक्षक वोकेशनल कोर्स के नियुक्त होंगे। इसी तरह सरकारी विद्यालयों में 7 हजार से ज्यादा प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की घोषणा की गई है।

शिक्षा की गुणवत्‍ता बढ़ाने का प्रयास

फिलहाल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जिन क्षेत्रों में काम करने पर फोकस किया गया है उनमें स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार, शत-प्रतिशत नामांकन, छीजन दर को कम करने, शिक्षकों का प्रशिक्षण प्राथमिकता में है। इतना ही नहीं, बजट में माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा प्रतिभाशाली शिक्षकों को तैयार करना, बेहतर प्रयोगशालाएं और उद्योग व बाजार की मांग को देखते हुए नए कोर्स डिजाइन करना आदि शामिल है।

सरकार ने उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रोत्साहन योजना के तहत इंटर पास करने वाली लड़कियों को 25 हजार व स्नातक उर्तीण लड़कियों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। विदेश में अध्ययन के लिए इच्छुक विद्यार्थियों के लिए डिजिटल काउंसिलिंग की व्यवस्था होगी।

कक्षा छह और इसके ऊपर के सभी बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने की घोषणा

राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह और इससे ऊपर के विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा व प्रशिक्षण देने का बजट में प्रावधान किया गया है। सरकार की यह बड़ी घोषणा है क्योंकि अभी सिर्फ उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था है।

 

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