पटना, जेएनएन । यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूलने में ट्रैफिक पुलिस सबसे आगे है, लेकिन सड़कों पर चालकों को हो रही असुविधाओं पर उसका ध्यान नहीं है। ब्लैक स्पॉट की पहचान हर साल होती है, लेकिन दुर्घटना कैसे कम हो, इसके कोई इंतजाम नहीं होते। यहां तक की ब्लैक स्पॉट पर एक साइन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। राजधानी में बीते तीन वर्षो में सबसे अधिक दुर्घटनाएं छह स्थानों पर हुई, जिसमें अनिसाबाद गोलंबर, न्यू बाईपास व मीठापुर में कई मौतें भी हुई। अनिसाबाद से फुलवारी के बीच तीन किमी में करीब 50 से अधिक जगह डिवाइडर तो कहीं अन्य कट हैं, जिसकी वजह से हर दिन दुर्घटनाएं होती हैं।

सड़कों की खामियां ले रहीं जान

2017 से 2019 के बीच शहर में सबसे अधिक दुर्घटनाएं न्यू बाईपास खेमनीचक, न्यू बाईपास जगनपुरा और अनीसाबाद गोलंबर के पास हुई। इन स्थानों पर 82 सड़क हादसे हुए। इनमें 29 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मीठापुर बस स्टैंड के पास 25 हादसे हुए, जिनमें नौ लोगों ने दम तोड़ दिया। इन हादसों के पीछे ओवरटेक, रफ्तार और सड़कों की खामी है। अनीसाबाद से फुलवारीशरीफ के बीच तीन किलोमीटर के बीच 50 से अधिक जगह कट हैं। यह सबसे अधिक व्यस्त मार्ग है और नेशनल हाईवे भी है। अधिकांश जगहों पर डिवाइडर पर बिजली के खंभे लगाने के लिए अधिक जगह छोड़ दी गई। ऐसे में बाइक सवार या फिर राहगीर यहां से आर-पार होकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस कट को बंद करने के लिए कई स्थानीय लोग प्रदर्शन भी कर चुके हैं, पर विभाग गंभीर नहीं है। अतिक्रमण और जाम से हादसे अनिसाबाद गोलंबर के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। अतिक्रमण भी है। अक्सर जाम से राहत मिलते ही चालक वाहन की रफ्तार बढ़ा देते हैं और गलत ढंग से ओवरटेक करने के चक्कर में हादसा हो जाता है। वहीं, मीठापुर बस स्टैंड, न्यू बाईपास कट की संख्या तो कम है, लेकिन रफ्तार और ओवरटेक की वजह से ज्यादातर हादसे होते हैं। 

2017 से 2019 में इन जगहों पर सबसे अधिक हादसे

स्थान                     घायल    मौत

जगनपुरा मोड़             23     10

अनीसाबाद गोलंबर      29      05

मीठापुर बस स्टैंड         25     09

न्यू बाईपास खेमनीचक   30    14

ईको पार्क                     07    07

ब्लैक स्पॉट

जगनपुरा मोड़ न्यू बाईपास, अनीसाबाद गोलंबर, मीठापुर बस स्टैंड, राजाबाजार ओवरब्रिज, न्यूबाईपास खेमनीचक, एलसीटी घाट, इको पार्क, नंदलाल छपरा, गांधी सेतु पीलर नंबर 46, शीतला मंदिर आरओबी, कुम्हरार गुमटी।

हादसों की मुख्य वजह

चालकों की लापरवाही, नशे में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, सड़कों की खराब स्थिति, जर्जर वाहन, ओवरटेक, यातायात नियमों का पालन नहीं करना, डेंजर प्वाइंट पर साइन बोर्ड न होना, हाईवे या मेन सड़क पर बने अनियमित कट, बिना प्रशिक्षण के तैनात ट्रैफिक जवान, पुल और बड़े नालों के पास रेलिंग न होना, बिना हेलमेट व कम उम्र के बच्चों के हाथ में बाइक।

खुद बुझ जाते ट्रैफिक सिग्नल

शहर में चार साल पूर्व मुख्य चौराहे से लेकर कई तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए। शहर में 90 से अधिक स्थानों पर सिग्नल लगाए गए, लेकिन आधा दर्जन से अधिक स्थानों का चयन गलत हो गया, तो बेली रोड पर आधा दर्जन सिग्नल उखाड़ दिए गए। कई सिग्नल की बैटरी चोरी हो गई, तो कुछ जलते ही नहीं। पिछले एक साल से सिग्नल की देखरेख करने वाली कंपनी के टेंडर तक नवीनीकरण नहीं हुआ।

कहीं भी खोद देते गड्ढे

तीन माह पूर्व ही एसके पुरी थाना क्षेत्र में नाले की सफाई के दौरान बीच सड़क को खोद दिया गया। दिन में काम हुआ और रात में उसकी घेराबंदी तक नहीं हुई। रात में वहां से गुजर रहे दो बाइक सवार नाले में गिर गए। यही स्थिति पूरे शहर की है।

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