पटना, जेएनएन। डेंगू बीमारी का डर अब दहशत फैला रहा है। पटना में डेंगू से सोमवार तड़के निजी अस्पताल में सिपाही मनीष झा के सात वर्षीय पुत्र अभिनव झा की डेंगू से मौत हो गई। मनीष मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले हैं और पुलिस लाइन में तैनात हैं। वे मंदिरी मोहल्ले में रहते हैं। पटना में इस साल डेंगू से यह पहली मौत है। दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया डेंगू की चपेट में आ गए हैं। सोमवार को एक दिन में डेंगू के 177 नए मरीजों की पहचान हुई है, चिकनगुनिया के 17 मामले सामने आए हैं। पटना में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 1311 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो पटना में रविवार को डेंगू मरीजों की संख्या 1135 थी जो सोमवार को बढ़कर 1273 हो गई। इसी तरह रविवार को चिकनगुनिया के 124 रोगी सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे थे इनकी संख्य आज बढ़कर 139 हो गई।

मच्छरों पर नियंत्रण के लगातार हो रहे प्रयास

डेंगू और चिकनगुनिया मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कवायद में जुटा हुआ है। विभाग का दावा है कि अकेले पटना में डेंगू और चिकनगुनिया मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए सिंथेटिक पायराथ्रआयड का छिड़काव, टेक्निकल मालाथियॉन फॉगिंग कराई जा रही है। पटना के साथ ही प्रदेश के दूसरे जिलों में भी स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग, जिला प्रशासन के सहयोग से अभियान चला रहा है।

जिलों में भी बढ़ता जा रहा है डेंगू का असर

पटना के साथ ही दूसरे जिलों में भी डेंगू का असर कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। भागलपुर, नालंदा, वैशाली, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, पूर्णिण, समस्तीपुर पटना के बाद सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भागलपुर में डेंगू मरीजों की संख्या 119 तक पहुंच गई है। जबकि नालंदा में 38, औरंगाबाद में 19, पूर्णिया में 16, पूर्वी चंपारण में 14, मधुबनी में 13, सारण में 17 मरीजों की पहचान इस मौसम में हुई है। जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

चिकनगुनिया के सर्वाधिक मरीज पटना में

डेंगू के अलावा चिकनगुनिया का प्रकोप भी दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो चिकनगुनिया के सर्वाधिक मरीज पटना में हैं। सिर्फ पटना में चिकनगुनिया के 139 मरीजों की पहचान आज तक हुई है। पटना के अलावा नालंदा में 4, वैशाली में 3, सारण, सहरसा और समस्तीपुर, अररिया, दरभंगा में 1-1 और शेखपुरा में अब तक दो मरीजों की पहचान हुई है।

डेंगू के डंक के बाद भी प्लेटलेट्स पर ज्यादा असर नहीं

पटना : स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में पहली बार ऐसा पाया गया है कि डेंगू के डंक के बाद भी मरीज का प्लेटलेट्स लेवल बहुत नीचे नहीं जा रहा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार की माने तो ऐसा पहली बार पाया गया है। पहले डेंगू मरीजों का प्लेटलेट्स अचानक डेढ़ दो लाख से गिरते-गिरते 15 से 20 हजार तक आ जाता था। इस बार पाया गया है कि मरीजों का प्लेटलेट्स बहुत नीचे जा रहा है तो 50 हजार तक ही। इससे नीचे नहीं। यह नया लक्षण है जिसका अध्ययन कराया जा रहा है। ऐसा क्यों है अध्ययन में यह देखा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

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