पटना, दीनानाथ साहनी। बिहार में स्टेटस सिंबल के नाम पर सरकारी अंगरक्षक (बाडीगार्ड) रखने वाले रसूखदार मौज में हैं। ये रसूखदार समाज में दिखावे व दबंगई के लिए अंगरक्षक लेकर घूमते तो हैं, लेकिन इसके एवज में जो राशि सरकारी खजाने में जमा करानी होती है, उसे भुगतान नहीं करते। इसकी वजह से बिहार पुलिस पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे रसूखदारों के पास 14 करोड़ 50 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। बकाया राशि वित्तीय वर्ष 2012-13 से लेकर वित्तीय वर्ष 2019-20 तक की है। इसे लेकर भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट में नाराजगी भी जताई है। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने रसूखदारों के अंगरक्षकों की प्रतिनियुक्ति के एवज में बकाये राशि को लेकर सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को भी पत्र लिखा है, लेकिन बकाया राशि की वसूली नहीं हुई है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से इसका पता चला है।

दागी ठेकेदार से लेकर हत्यारोपित भी लिए हुए हैं अंगरक्षक

आरटीआइ कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने आरक्षी अधीक्षकों एवं भारतीय लेखा तथा लेखा परीक्षा विभाग तक से सूचना मांगी है। पटना के एसएसपी और गया समेत कई अन्य जिलों के आरक्षी अधीक्षक कार्यालयों द्वारा रसूखदारों के बारे में सुरक्षा व गोपनीयता का हवाला देकर विस्तृत ब्योरा देने से इन्कार कर दिया गया। मधुबनी में जिन रसूखदारों ने अंगरक्षक ले रखा है, उनके बारे में भी यह सूचना नहीं दी कि उनके पास बकाया है भी या नहीं।

राय ने बताया कि रसूखदारों के बारे में सूचना नहीं देना गंभीर मामला है, इसे लेकर वे न्यायालय में जल्द जाएंगे, क्योंकि अंगरक्षक रखने वालों में ज्यादातर ठेकेदार, नेता-कार्यकर्ता और दबंग-अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं। यह प्रविधान है कि अंगरक्षक मुहैया कराने से पहले संबंधित व्यक्ति के बारे में चरित्र प्रमाण पत्र और उसके अपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जांच आवश्यक है। दागी ठेकेदार उपेंद्र सिंह (बक्सर) से लेकर हत्यारोपित मंजीत मिश्रा (रोहतास) को अंगरक्षक मिला हुआ है।

बकाया मामले में अरवल जिला अव्वल, अररिया दूसरे स्थान पर

आरटीआइ से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार से अंगरक्षक लेने वाले लेने वाले रसूखदार लोगों के सबसे ज्यादा बकाया है। इस जिले में ऐसे लोग के पास एक करोड़ 24 लाख 94 हजार रुपये बकाया है। दूसरे नंबर पर अररिया है, जहां अंगरक्षक लेने की एवज में एक करोड़ 11 लाख 38 हजार का भुगतान नहीं हुआ है। जहानाबाद में 77 लाख रुपये एवं गोपालगंज में 70 लाख 56 हजार रुपये बकाया है।

अंगरक्षक रखने के एवज में पूर्व सांसद के पुत्र पर लाखों का बकाया

बक्सर के एसपी दफ्तर से शिवप्रकाश राय को जो सूचना मिली है उसमें अंगरक्षक रखने के एचज में पूर्व सांसद अजीत सिंह के पुत्र विशाल सिंह पर 37 लाख 3 हजार 958 रुपये तथा पूर्व एमएलसी हुलास पाण्डेय के भाई संतोष कुमार पाण्डेय पर तीन लाख 20 हजार रुपये बकाया है। बक्सर के रियल स्टेट कारोबारी प्रदीप कुमार राय और सूरत में व्यवसाय करने वाले बक्सर निवासी मिथिलेश पाठक को भी भुगतान के आधार पर अंगरक्षक दिया गया है, जिन पर भी राशि बकाया है।

इसके अलावा भी कई अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी हैं, जिन्होंने अंगरक्षक ले रखा है, लेकिन बकाया भुगतान नहीं किया है। बक्सर जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सविता देवी पर अंगरक्षक रखने के एवज में तीन लाख 71 हजार रुपये का बकाया है। अंगरक्षक लेने वाले ठेकेदार रमेश राय की दस दिन पहले मृत्यु हो गई। तब तक उन पर नौ लाख 99 हजार बकाया हो चुका था। हत्या के आरोप में रंजीत चौधरी अभी जेल में हैं। उससे पहले वे भी अंगरक्षक लिए हुए थे और उन पर चार लाख 32 हजार से अधिक का बकाया है।

बकाया मामले में अरवल जिला अव्वल

आरटीआइ से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार से अंगरक्षक लेने वाले लेने वाले रसूखदार लोगों के सबसे ज्यादा बकाया है। इस जिले में ऐसे लोग के पास एक करोड़ 24 लाख 94 हजार रुपये बकाया है। दूसरे नंबर पर अररिया है, जहां अंगरक्षक लेने की एवज में एक करोड़ 11 लाख 38 हजार का भुगतान नहीं हुआ है। जहानाबाद में 77 लाख रुपये एवं गोपालगंज में 70 लाख 56 हजार रुपये बकाया है।

Edited By: Aditi Choudhary

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