पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की करारी हार के बाद भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोमवार को नीतीश कुमार और लालू प्रसाद से अलग-अलग मुलाकात की और दोनों नेताओं की जमकर तारीफ की।

पार्टी लाइन के खिलाफ अपने बयानों को लेकर चर्चित बिहारी बाबू सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मिले। उसके बाद लालू प्रसाद के आवास पर पहुंचे और गले मिले।

महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने पर उन्हें बधाई दी। नीतीश से मुलाकात के बाद लौटने के क्रम में मीडिया से बातचीत में बिहारी बाबू ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे स्व. ज्योति बाबू के बाद नीतीश कुमार विपक्ष के सबसे कुशल नेता हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बिहार के लोगों ने बिहार का मुख्यमंत्री बिहारी हो इसके लिए अपार जन-समर्थन दिया। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनता ने अपना भरपूर समर्थन दिया। बिहार की प्रगति में नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान है। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार थे। सुशासन में नीतीश कुमार का अच्छा योगदान है।

बिहारी बाबू ने भाजपा छोडऩे के अटकलों पर कहा कि मैं भाजपा का सदस्य हूं और आजीवन सदस्य बना रहूंगा। मैं भाजपा में उस समय से हूं जब संसद में भाजपा सांसदों की संख्या सिर्फ दो थी।

आज संसद में पूर्ण बहुमत है। पार्टी लाइन से अलग हटकर अपनी टिप्पणियों पर भाजपा द्वारा कार्रवाई की चर्चा पर बिहारी बाबू ने कहा कि मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया है कि मुझ पर कार्रवाई हो।

फिर भी यदि कोई कार्रवाई करना चाहता है तो मैं हाथ पकड़ कर रोक नहीं सकता है। सांसद आरके सिंह ने कहा है कि भाजपा को हार की समीक्षा करनी चाहिए और हार के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मैं आरके सिंह के विचारों से सहमत हूं।

By Pradeep Kumar Tiwari