पटना। सूबे के नगर विकास एवं निबंधन व उत्पाद मंत्री अवधेश कुशवाहा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार देर रात बाहर का रास्ता दिखा दिया। वह एक स्टिंग ऑपरेशन में मुंबई की एक पार्टी से चार लाख रुपये कैश लेते दिखाए गए थे।

इस मामले पर अवधेश कुशवाहा ने कहा है कि आरोप बहुत ही गंभीर थे जिस वजह से मैंने इस्तीफा दिया और मैंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वो मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।

तो वहीं उन्होंने ये भी कहा कि उनके खिलाफ विपक्ष के लोगों ने षणयंत्र रचा है जिसकी सच्चाई जनता के सामने लेकर आनी है।

जदयू नेतृत्व ने उनकी पिपरा विधानसभा सीट पर उम्मीदवारी भी वापस ले ली है। पार्टी अब इस सीट पर नया उम्मीदवार देगी। कुशवाहा को पार्टी से बर्खास्त करने की भी कार्रवाई की जा रही है।

रविवार को यू-ट्यूब पर वायरल हुए इस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीरता से लेते हुए देर रात उत्पाद मंत्री से इस्तीफा ले लिया। उन्होंने इस मसले पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से विमर्श किया।

वशिष्ठ नारायण सिंह को इसके लिए बक्सर से अविलंब बुलाया गया। मंत्री ने फैक्स से मुख्यमंत्री कार्यालय को इस्तीफा भेज दिया, जिसे स्वीकार किए जाने की संस्तुति के साथ राजभवन अग्रसारित कर दिया गया।

देर रात प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित कर जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि अवधेश कुशवाहा की जगह पिपरा सीट पर पार्टी कोई अन्य उम्मीदवार उतारेगी। वहां 16 अक्टूबर तक नामांकन होने हैं।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को नए उम्मीदवार के चयन की जिम्मेदारी दी गई है। बिहार में यह पहला मौका है जब किसी स्टिंग ऑपरेशन के बाद मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। शरद यादव ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब हमने नैतिकता का परिचय दिया है। जब हवाला कांड में मेरा नाम आया था तो पार्टी ने तत्काल मुझसे इस्तीफा ले लिया था।

आचार्य नरेंद्र देव और जार्ज फर्नांडीस ने भी इस्तीफा दिया था। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रेल दुर्घटना के तुरंत बाद रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हमारा सामना जिस पार्टी से है उसने तो व्यापम घोटाला, ललित मोदी से जुड़ा घोटाला, जिसके लिए संसद का पूरा सत्र बाधित रहे, में भी कोई कार्रवाई नहीं की।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह स्टिंग पार्टी के झटका है, उन्होंने कहा-'न यह झटका है और न हलाल।Ó हम जेपी और लोहिया के मूल्यों को पल-पल जीते हैं और ऐसे मामलों में कार्रवाई में जरा भी देर नहीं करते।

प्रचार से लौटते ही इस संबंध में निर्णय ले लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या कोई कमेटी मामले की जांच करेगी, शरद यादव ने कहा कि पार्टी ने स्टिंग आपरेशन को सही मान लिया है। कमेटी की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कुशवाहा को पार्टी से बर्खास्त किए जाने के भी संकेत दिया और कहा कि पार्टी से किसी को निकालने की कुछ औपचारिकताएं होती हैं। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है।

वहीं इस प्रकरण पर मंत्री अवधेश कुशवाहा ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री की साजिश पर उन्हें फंसाया गया है।

अवधेश कुशवाहा ने यह राशि इस बात को लेकर ली कि जब फिर से उनकी सरकार बनेगी तो वह मुंबई के उक्त कारोबारी को उसके धंधे में मदद करेंगे। मुंबई की पार्टी से कैश लेते हुए उनका वीडियो यू ट्यूब पर अपलोड है।

घंटे-दो घंटे के भीतर यह सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया। कुशवाहा से जब इस संबंध में बात की गयी तो इस प्रकरण से अनभिज्ञता जताते हुए उन्होंने कहा कि मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है।

अगर ऐसा कुछ दिखाया गया है तो वह गलत है। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। मैं मानहानि का मुकदमा करूंगा। बताया जाता है कि यह स्टिंग अवधेश कुशवाहा के आवास पर हुआ है।

स्टिंग करने वाले ने खुद को मुंबई का कारोबारी बता मंत्री श्री कुशवाहा से भेंट की। उसने कहा कि आने वाले दिनों में आपकी सरकार बनी तो बड़े काम में उनका सहयोग चाहिए उसे।

उसने मंत्री जी के लिए नकद लाने की बात कही। इस पर श्री कुशवाहा ने सोफा से उठकर तुरंत दरवाजे की छिटकानी लगायी और सोफे पर आकर बैठ गए। इसके बाद मुंबई की कथित पार्टी ने कुशवाहा को नोटों की कई गड्डी उनके हाथ में दी और कहा कि चार लाख रुपये हैं।

मंत्री जी ने पैसे रख लिए। मुदित भाव से उन्होंने अपने एक साथी मंत्री को फोन लगाया। उन्होंने अपने साथी मंत्री को कहा- अरे एक मुंबई की पार्टी आई हुई है। मदद चाहती है। हम पांच लोग एक मानसिकता के हैं।

देख लीजिए। चुनाव में मदद करेंगे। कल आपसे मुलाकात करा देंगे। मंत्री जी ने इत्मीनान से मुंबई के कथित कारोबारी को यह भी बताया कि एक विधानसभा चुनाव लडऩे में कम से कम एक-डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च है।

वहीं एक दूसरे स्टिंग आपरेशन में राजद नेता व पूर्व मंत्री मुंद्रिका सिंह यादव के आवास पर उनकी मौजूदगी में मखदूमपुर के राजद प्रत्याशी सूबेदार सिंह और घोसी से राजद के प्रत्याशी कृष्णनंदन वर्मा के भाई रीतेश को क्रमश: दो लाख व एक लाख रुपये लेते हुए दिखाया गया है।

मुंद्रिका सिंह यादव राजद के वरिष्ठ नेता हैं व पूर्व मंत्री हैं। वह जहानाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। स्टिंग में उन्हें खुले बदन दिखाया गया है। वह धोती को लुंगी बनाकर लपेटे हुए हैं। स्टिंग करने वाली टीम उनसे बिजनेसमैन के रूप में मिलती है।

यह कहती है कि महागठबंधन की सरकार बनने पर उन्हें उनकी मदद चाहिए। इसके एवज में वह उनकी मदद करेंगे। यादव कहते हैं- ठीक है। इसी बीच उनके पास जीतन राम मांझी के खिलाफ राजद की टिकट पर मखदूमपुर से चुनाव लड़ रहे सूबेदार राम और घोसी से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कृष्णनंदन वर्मा के भाई रीतेश आ जाते हैं।

इन्होंने भी मदद की बात की। सूबेदार राम ने मदद के सवाल पर दो लाख रुपये का एडवांस मुंद्रिका यादव की मौजूदगी में ले लिया। वहीं कृष्णनंदन वर्मा के भाई रीतेश ने एक लाख ले लिए। इस बाबत मुंद्रिका सिंह यादव से जब उनकी प्रतिक्रिया मांगी गयी तो उन्होंने कहा वीडियो जालफरेब है। जांच में गलत निकलेगा। चुनाव के समय इस तरह से फंसाने का काम चलता रहता है।

पहले चरण के चुनाव के ठीक एक दिन पहले आये एक स्टिंग आपरेशन ने नीतीश कुमार की सरकार और जदयू को झटका दिया है, यद्यपि देर रात मंत्री पर गाज गिराकर जदयू नेतृत्व ने किसी हद तक डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है।

हाल ही में एक बिल्डर से छह लाख रुपये लेने के सवाल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में अपने एक मंंत्री को अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ही बर्खास्त कर दिया था। अरविंद केजरीवाल के साथ नीतीश कुमार की घनिष्टता हाल के दिनों में चर्चा में रही है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर लक्ष्मणन मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है। तथ्यों की पुष्टि होने के बाद जांच कराई जाएगी।

By Amit Alok