पटना। विधानसभा में बुधवार को जोरदार हंगामा हुआ। रवींद्र राय को अंदर जाने से रोका गया। वे निर्दलीय विधायक पवन जायसवाल के साथ विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देने वहां गए थे। उनके साथ विधायक राजीव रंजन और विधायक सुमित कुमार भी थे। राय को यह कह रोका गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। उन्हें पूर्व विधायक का दर्जा भी प्राप्त नहीं है। यह तर्क भी अनसुना कर दिया गया कि पटना उच्च न्यायालय ने रवींद्र राय की सदस्यता बहाल कर दी है।

पवन जायसवाल ने चौधरी के खिलाफ विधानसभा सचिवालय में मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया था, परंतु विधानसभा के प्रभारी सचिव हरे राम मुखिया ने यह कहकर इसे लेने से इन्कार कर दिया कि यह नियम संगत नहीं है। इस संबंध में आप लोग विधानसभा अध्यक्ष से मिल लीजिए। बुधवार को जब वे विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गए तो गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने नाराजगी जताई तो करीब दर्जन भर मार्शल बुला लिए गए। हंगामा बढ़ता गया तो करीब 50 की संख्या में पुलिसकर्मी आ गए। राय को मार्शल ने जबरदस्ती बाहर निकाल दिया।

राजीव रंजन ने बताया कि कल से आज तक विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का 11 बार प्रयास किया है, लेकिन वे हम लोगों से नहीं मिल रहे हैं। सचिव यही कह रहे हैं कि आप लोग पहले उनसे मिल लीजिए। अंत में पवन जायसवाल ने अपने अविश्वास प्रस्ताव का संकल्प ई-मेल से भेजा है।

By pradeep Kumar Tiwari