पटना। बिहार में अब हथियार के लाइसेंस दामाद, बहू, भाई एवं बहन के नाम से भी बन सकते हैं। हथियार इनके नाम हस्तांतरित हो सकते हैं। इन्हें उत्तराधिकारी की मान्यता दी गई है। अब तक पति, पत्‍‌नी, पुत्र एवं पुत्री को ही हथियार के लाइसेंस के मामले में उत्तराधिकारी माना जाता था।

प्रधान सचिव (गृह) आमिर सुबहानी ने इस सिलसिले में सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसे मामलों के निपटारे का निर्देश दिया है। इसकी प्रति पुलिस अधीक्षकों और प्रमंडलीय आयुक्तों को भी दी गई है।

गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश के हवाले से उन्होंने पत्र जारी किया है। पत्र में मृत शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी (लाइसेंसधारी) या 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले या पिछले 25 साल से अधिक समय से हथियार रखने वालों के उत्तराधिकारी और उन्हें हथियार के लाइसेंस जारी करने के दिशा-निर्देशों का उल्लेख है। पूर्व में वैध उत्तराधिकारी के रूप में पति, पत्‍‌नी, पुत्र एवं पुत्री को इस उद्देश्य के लिए उत्तराधिकारी माना गया था। अब दामाद, बहू, भाई एवं बहन को इस उद्देश्य के लिए वैध उत्तराधिकारी के रूप में मान्यता दी गई है। इस कोटि के शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों के इन वैध संबंधियों के शस्त्र हस्तांतरण के आवेदन को इसी आलोक में निपटाया जाए।

दरअसल, सरकार को शिकायत मिल रही थी उपरोक्त श्रेणी के लाइसेंसधारियों के उत्तराधिकारियों के हथियार लाइसेंस जारी करने और लाइसेंस पर धारित हथियार को हस्तांतरण के आवेदन पत्रों के निपटारे में जिला स्तर पर परेशानी हो रही है तथा इसमें काफी विलंब हो रहा है। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि इस श्रेणी के लाइसेंसधारियों के उत्तराधिकारियों को लाइसेंस जारी किया जाए। हथियार का हस्तांतरण किया जाए।