संवाद सूत्र, वारिसलीगंज: तीन दशक से बंद जिले के एकमात्र उद्योग वारिसलीगंज चीनी मिल की बदहाली के लिए क्षेत्र के किसानों ने राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है। फिलहाल इस चीनी मिल की मशीनों की कटाई करने का काम शुरू किया गया। इसके लिए कंपनी भी नामित है। इसी बीच जानकारी पाकर मंगलवार को भाजपा के नगर अध्यक्ष संजय कुमार मंगल के नेतृत्व में एक दर्जन कार्यकर्ताओं द्वारा मिल परिसर पहुंचकर कल पुर्जो की कटिंग को तत्काल रुकवा दिया गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं की टीम में शामिल जिला महामंत्री शैलेंद्र कुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रियरंजन श्रीनिवास, वारिसलीगंज पश्चिमी के जिला पार्षद अंजनी कुमार, मुखिया राजकुमार सिंह, रंजन कुमार, सियाराम सिंह, कार्यानंद सिंह, रामानुज कुमार, बुधन सिंह, मुकेश सिंह, रामप्रवेश सहित एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने मिल पहुंचकर पूरे कार्य को रुकवा दिया गया। तथा कबाड़ खरीदने वाली कंपनी के पदाधिकारी से बात की।

कंपनी खोलने की बात होने तक कटनी बंद

भाजपा नेताओं ने कहा कि पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जब तक क्षेत्रवासियों के हितों की रक्षा करने हेतु कंपनी खोलने की बात नहीं हो जाती है, तब तक लोहे की मशीनों की कटनी का कार्य बंद रहेगा। बता दें कि मंगलवार को अखबारों में खबर छपने के बाद क्षेत्रवासियों के साथ- साथ भाजपा कार्यकर्ताओं को चीनी मिल कटनी की जानकारी प्राप्त हुई। जिससे मिल क्षेत्र के किसान काफी भावुक हो रहे हैं। वहीं क्षेत्र वासियों के द्वारा चीनी मिल की 74 एकड़ जमीन पर कोई कृषि आधारित उद्योग लगाने की मांग की जा रही है।

सीएम नीतीश का भाषण खोखला हुआ साबित

वारिसलीगंज के लोगों ने कहा कि राज्य के वर्तमान मुखिया नीतीश कुमार एक दशक पूर्व एक चुनावी सभा को संबोधित करने वारिसलीगंज स्थित माफी गढ़ मैदान पहुंचे थे। तब उक्त बन्द चीनी मिल को उनकी सरकार बनने पर मिल की चिमनी से धुआं निकलने का भरोसा उन्होंने अपने भाषण में दिया था। अब जब मिल की सम्पूर्ण परिसंपत्तियों को सरकार ने बियाडा को सौंप दिया है। तब वियाडा द्वारा चीनी मिल के पुराने कल पुर्जो की नीलामी की गई है। जिसे यशस्वी स्क्रेपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने मिल के हजारों टन लोहे के संयत्र को कबाड़ में ले जाने को गैस कटर से कटनी शुरू की है। 

तीन दशक से बंद चीनी मिल बनते रहा चुनावी मुद्दा 

वारिसलीगंज चीनी मिल तीन दशक से बंद है। चीनी मिल बंद होने के बाद से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिल चालू कराने का नेताओं द्वारा लोक लुभावन वादा किया जाता रहा है। लेकिन चुनाव बाद नवादा, नालंदा, शेखपुरा, जमुई एवं गया जिले के कुछ प्रखंडों के हज़ारों किसान मजदूरों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाने वाला चीनी मिल की किसी ने सुध नहीं ली। इसी प्रकार स्थानीय सांसद स्व. भोला सिंह, केंद्रीय मंत्री रहे गिरिराज सिंह, वर्तमान सांसद चंदन सिंह सहित विधानसभा चुनाव लड़ने वाले करीब सभी के द्वारा बन्द चीनी मिल को चालू करने का आश्वासन किसानों को दिया जाता रहा है। लेकिन स्थिति नहीं बदली और आज चीनी मिल को कबाड़ तक पहुंचाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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