गर्मी तथा लू ने लोगों की चैन को पूरी तरह से छिन लिया है। न दिन में सुकून है और नहीं रात में। सुबह होते ही सूर्य देवता अग्नि की बारिश करने लगते हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है धूप और प्रचंड रूप धारण कर लेता है। हालात यह है कि सुबह 10 बजते ही लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। शाम छह बजे तक यह स्थिति बनी रहती है। रात्रि में धूप से भले ही छुटकारा मिलता हो लेकिन गर्मी से निजात नहीं मिलती। इधर कई दिनों से औसत तापमान 42 डिग्री अधिकतम बना हुआ है। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री ही रिकॉर्ड किया गया। गर्मी के कारण अतिआवश्यक कार्य से ही लोग घर से निकलते हैं। सामान्यत: लोग घर में ही रहना पसंद कर रहे हैं। गर्मी के प्रकोप का असर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी दिखने लगा है। जिन मंडियों में पूरे दिन भीड़ भाड़ की स्थिति रहती थी, वहां सुबह-शाम ही लोग नजर आते हैं। ग्रामीण इलाकों से खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपने निकटवर्ती बाजार में ही ज्यादा जाना मुनासिब समझ रहे हैं। जिसके कारण बड़े शहर-बाजार का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। शादी-विवाह के इस मौसम में कपड़े तथा अन्य सामग्रियों की दुकानों में गांव के लोगों की भीड़ रहनी चाहिए थी, लेकिन मौसम की मार के कारण भीड़ भाड़ नहीं देखी जा रही है। दुकानदार उदय सिंह ने बताया कि शादी-विवाह को देखते हुए कई तरह के कपड़े मंगाए थे, लेकिन खरीदारों की संख्या काफी कम हो गई है। कारोबार की लिहाज से यह बेहतर समय था, लेकिन प्रचंड गर्मी व्यवसाय को प्रभावित कर रखा है।

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Posted By: Jagran

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