सरकारी अनाज की कालाबाजारी की सूचना के बाद सोमवार की रात धमौल बाजार में एक ठिकाने पर एसडीओ सदर अनु कुमार द्वारा छापेमारी की गई, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में अधिकारी लौट गए।

बताया जाता है कि माफिया किसी डीलर से अनाज उठाकर अपने गोदाम ले जा रहे थे। किसी व्यक्ति ने अनाज लदा रिक्शा और जिस स्थान पर अनाज को रखा गया था, वहां की तस्वीरें ले ली। माफिया तक बात पहुंची तो आनन-फानन में अनाज को दूसरी बोरी में बदलना शुरू कर दिया गया। इस बीच पुलिस भी वहां पहुंच गई। उसके बाद सूचना डीएम यशपाल मीना, एसडीएम अनु कुमार, एसडीपीओ मुकेश कुमार साह आदि को दी गई। बताया गया कि धमौल बाजार में मेन रोड स्थित उपेंद्र उर्फ कारु साव द्वारा डीलर से सरकारी अनाज खरीद कर कालाबाजारी के लिए लाया गया है। करीब 3 घंटे के बाद अनुमंडल पदाधिकारी अनु कुमार एवं आपूर्ति पदाधिकारी संतोष कुमार व्यवसायी की दुकान पर पहुंचे। अधिकारियों ने जांच की तो पाया कि जिस बोरी में अनाज है वह सरकारी बोरी नहीं है। ऐसे में कोई साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अधिकारी लौट गए। सूत्र बताते हैं कि जबतक अधिकारी पहुंचे बोरी बदल दी गई थी। हालांकि, अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर पास के एक डीलर धर्मराज का स्टॉक जांच किया गया। वहां भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली। बता दें कि प्रखंड क्षेत्र में सरकारी अनाज की कालाबाजारी आम बात है। पूर्व में भी ऐसे मामले आते रहे हैं।

Posted By: Jagran

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