जवान मनोज चौधरी की हत्या हुई या दुर्घटना में मौत हुई, पुलिस दोनों बिदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। मृतक के स्वजनों ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में हत्या की आशंका जताई है। वैसे, घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों से मामला दुर्घटना का भी प्रतीत हो रहा है। ऐसे में पुलिस दोनों बिदुओं पर जांच कर रही है। स्वजनों ने हत्या के पीछे किसी से दुश्मनी आदि की आशंका नहीं जताई है। गौरतलब है कि मृत जवान मनोज चौधरी पिछले साल ही हिसुआ थाने में पदस्थापित हुए थे। यहां से उनका तबादला काशीचक थाने के लिए हुआ था। घटना के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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गोली मारकर हत्या की थी चर्चा

-शुरुआत में यह बात तेजी से फैली थी कि जवान की हत्या गोली मारकर की गई है। सिर में आगे-पीछे गंभीर जख्म होने के कारण प्रथमदृष्टया लोग गोली मार हत्या की आशंका जता रहे थे। शुरुआती खबर भी यही फैली की हत्या गोली मारकर की गई है। लेकिन पुलिस की प्रारंभिक जां जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में पुलिस दुर्घटना व स्वजनों द्वारा जताई गई हत्या की आशंका के बीच दोनों बिदुओं पर जांच कर रही है।

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दवा लेने के लिए थाने से चले थे घर

संसू, काशीचक : मृतक आरक्षी पाइल्स रोग से पीड़ित थे। नवादा से दवा लाने थानाध्यक्ष से अनुमति लेकर घर से निकले थे। नवादा में दवा नहीं मिलने पर घर में रखे दवा लाने के लिए जा रहे थे। लेकिन घर पहुंचने के पूर्व ही मौत हो गई।

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Posted By: Jagran

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