सरकार की ओर से जिला से लेकर ग्रामीण स्तर तक संचालित थाना की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके अलावा जीआरपी थाना की व्यवस्था को भी सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक संचालित सभी थाना का नया भवन बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद व्यवस्था में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा है। बता दें कि केजी रेलखंड के नवादा रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाना को अभीतक अपना भवन नसीब नही हो सका है। 48 साल से स्टेशन पर बने यात्री प्रतीक्षालय में जीआरपी थाना का कामकाज संचालित हो रहा है। नवादा स्टेशन पर वर्ष 1970 में यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय भवन का निर्माण कराया गया था। इसके बाद ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों द्वारा उपयोग किया जा रहा था। ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को काफी सहूलित होती थी। लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद इसका इस्तेमाल जीआरपी थाना के रूप में किया जाने लगा। जीआरपी थाना का अपना भवन नहीं रहने के कारण आज भी उसी प्रतीक्षालय में थाना का कामकाज चल रहा है। जबकि विभाग द्वारा जीआरपी थाना भवन निर्माण के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्री शेड के किनारे भूमि का चयन किया गया है। जहां 30 फीट लंबा व 30 फीट चौड़ा दो मंजिला थाना भवन का निर्माण होना है। भवन निर्माण को लेकर कुछ दिन पूर्व जमालपुर रेल एसपी आमीर जावेद ने नवादा पहुंचकर यहां के पदाधिकारियों से जायजा लिया था। बावजूद अभीतक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।

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अबतक नवादा जीआरपी पीकेट को नहीं मिला थाना का दर्जा

- रेलवे पुलिस प्रशासन द्वारा 48 साल बीत जाने के बावजूद नवादा जीआरपी पुलिस पीकेट को थाना का दर्जा नहीं मिल सका है। अभीतक नवादा जीआरपी पुलिस पीकेट के नाम पर संचालित हो रहा है। बता दें कि नवादा स्टेशन पर जीआरपी पुलिस पीकेट होने से यहां के पदाधिकारियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। यहां आने वाले मामले को लेकर पदाधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए किउल थाना जाना पड़ता है। इसके कारण पदाधिकारियों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है।

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जवानों को रहने में होती है परेशानी

- नवादा रेलवे स्टेशन पर जवानों को रहने के लिए एक हॉल में बैरक बनाया गया है। एक हॉल में करीब 20 की संख्या में जवान रहते हैं। जगह के अभाव में जवानों को काफी परेशानी होती है। जीआरपी थाना में तैनात जवानों ने बताया कि भवन पुराना होने के कारण दीवार का प्लास्टर झड़कर गिरता है। कभी-कभी तो बना हुआ खाना में भी गिर जाता है। इसके कारण काफी परेशानी होती है। इसके अलावा कमरा के अंदर मात्र एक शौचालय है। जो काफी जर्जर हो चुका है। शौच त्याग करने में काफी परेशानी होती है। जवानों ने बताया कि पेयजल के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं रहने से स्टेशन के इर्द-गिर्द के नलों से पानी लाना पड़ता है।

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कहते हैं अधिकारी

- जीआरपी थाना भवन निर्माण के लिए स्टेशन के एक नंबर प्लेटफॉर्म के यात्री शेड के आगे भूमि का चयन किया गया है। जहां दो मंजिला भवन का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें थाना कार्यालय के अलावा जवानों के रहने की व्यवस्था होगी। विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी किया जा चुका है। भवन निर्माण का कार्य बहुत जल्द शुरू कराया जाएगा।

विरेंद्र मांझी, जीआरपी थानाध्यक्ष, नवादा। फोटो-14

Posted By: Jagran