डीएम यशपाल मीणा ने बताया कि अब तक कुल 43 लोगों के नमूने जांच के लिए राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरएमआरआइ), पटना भेजे गए हैं। जिसमें 17 लोगों की जांच रिपोर्ट आ गई हैं। सभी निगेटिव है, यानि कि वे सभी कोरोना से संक्रमित नहीं हैं। वहीं, शेष नमूने की रिपोर्ट भी जल्द आ जाएगी। वे समाहरणालय में शुक्रवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

डीएम ने जिलेवासियों से अपील की कि सभी लोग लॉकडाउन का पालन करें। कोरोना को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कई लोग कोरोना पॉजीटिव होने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो जा रहे हैं। महज दो फीसद मामले ही ऐसे हैं, जिसमें कोरोना से मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना दें। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। इससे सुरक्षा और बचाव के लिए कई प्रकार की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में जिले में यदि कोरोना पॉजिटिव की शिकायत मिलती है तो उसके संक्रमण को रोकने के लिए पूरी तैयारी है। सभी प्रखंडों में मॉक ड्रिल भी कराया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर चार टीमें काम करेंगी। एक टीम लॉकडाउन को लेकर कदम उठाएगी। कोरोना पॉजिटिव का मामला आने पर संबंधित क्षेत्र को सील किया जाएगा। किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। दूसरी टीम स्वास्थ्य जांच को लेकर बनाई गई। जो मरीज के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। तीसरी टीम आवश्यक वस्तुओं को देखने वाले पदाधिकारियों की होगी। क्षेत्र सील होने के बाद उस क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं को लेकर कोई परेशानी नहीं हो, तीसरी टीम उस कार्य को देखेगी। चौथी टीम सैनिटाइज को लेकर बनाई गई है। अस्पताल, संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज कराने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के बाद जो फीडबैक मिला है, वह बेहतर है।

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सरकारी कार्यो में बाधा पहुंचाने पर दर्ज होगी प्राथमिकी: डीएम

संस, नवादा : क्वारंटाइन सेंटर बनाने में विरोध को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डीएम यशपाल मीणा ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना पीड़ितों के संपर्क में आने से ही इस बीमारी का संक्रमण होता है। संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सचेत है। उन्होंने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर में वैसे लोगों को रखा जा रहा है, जिनका नमूना जांच के लिए लिया जा रहा है। इन मामलों में एक पहलू यह भी है कि चिकित्सक को यह लगता है कि किसी मरीज को अपनी निगरानी में रखना बेहतर है, तभी उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाता है। अन्य को होम क्वारंटाइन ही किया जाता है। वहीं, आइसोलेशन वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा जाता है। इसलिए परेशान न हों। जो लोग बाहर से आए हैं, वे भी अपने ही हैं। इसी जिले के रहने वाले हैं। सभी लोग इसमें सहयोग करें। प्रेसवार्ता में डीडीसी वैभव चौधरी, प्रशिक्षु आइएएस साहिला, एडीएम ओमप्रकाश, सदर एसडीएम अनु कुमार, एसडीपीओ विजय कुमार झा, डीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार मौजूद रहे।

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आंकड़े एक नजर में

- 206 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं जिले में

- 21 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं जिले में

- 5471 बाहर से आए लोगों की चक्षु एप से हो रही मॉनीटरिग

- 21 लोग रखे गए हैं क्वारंटाइन सेंटर में

- 56 स्थानों पर जिले में चलाए जा रहे सामुदायिक किचन

- 94 लोग विदेश से आए हैं नवादा जिले में

- 12 स्थानों पर जिले में चल रहे राहत केंद्र

Posted By: Jagran

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