यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vat Savitri Vrat 2024: वटसावित्री पूजा पर बन रहे कई दुर्लभ संयोग? जान लें पूजा सामग्री, मुहूर्त व पूजन की सही विधि
Vat Savitri Vrat 2024 6 जून यानी बुधवार को वटसावित्री पूजा है। वट सावित्री व्रत को सावित्री अमावस्या या वट ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, राजगीर।Vat Savitri Vrat 2024 Puja Vidhi । 6 जून यानी बुधवार को वटसावित्री पूजा है। पूजा को लेकर वटवृक्ष के तले, व्रतधारी सुहागिनें अपने पति के दीर्घायु की कामना करेंगी। इस बार वट सावित्री व्रत पर काफी शुभ योग बन रहा है।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. धीरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस बार शनि जयंती होने के साथ-साथ कई राजयोगों का निर्माण हो रहा है, जिसमें शुक्रादित्य, बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण योग के साथ-साथ मालव्य का राजयोग बन रहा है।
शनिदेव की विशेष कृपा के लिए करें पूजा
वट सावित्री के दिन ही शनि अमावस्या भी है। इसे शनि जयंती भी कहा जाता है। ऐसे में वट सावित्री का महत्व और भी बढ़ जाता है। आप अगर शनिदेव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ के साथ पीपल के पेड़ की पूजा भी कर सकते हैं। इससे आपको शनि के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वट सावित्री व्रत के दिन अगर शुभ मुहूर्त पर वट वृक्ष की पूजा की जाए, तो वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
व टसावित्री व्रत का शुभ मुहूर्त
क्या है पौराणिक मान्यता?
वट सावित्री व्रत पूजन विधि
