यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डिजिटल शिक्षा शुरू करने वाला सूबे का पहला कॉलेज बना सोगरा
जिले के सोगरा कॉलेज में डिजिटल शिक्षा की शुरूआत करने वाला सूबे में यह पहला कॉलेज बन गया है। इस ...और पढ़ें

बिहारशरीफ : डिजिटल शिक्षा की शुरूआत करके सोगरा कॉलेज सूबे का पहला कॉलेज बन गया है। इस डिजिटल शिक्षा का शुभारंभ रविवार को ग्रामीण कार्य विभाग के संसदीय मंत्री श्रवण कुमार ने किया। इस मौके पर कॉलेज के सचिव सैय्यद जाकिर हुसैन, प्राचार्य डॉ सागीर उज्जमा, सोगरा वक्फ इस्टेट के मोत्तवली एसएम शरफ, समाजसेवी रूमी खान आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि डिजिटल शिक्षा की शुरूआत होने से अब यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। कॉलेज प्रशासन ने एक एप भी बनाया गया है। जिसमें कॉलेज की सभी शैक्षणिक गतिविधियां व स्टडी मैटेरियल समय-समय पर अपडेट की जाती रहेंगी। वहीं कॉलेज के सभी छात्र-छात्रा व शिक्षकों के अलावा सभी कर्मियों को एक परिचय पत्र दिया गया है। जिसमें एक चिप्स लगाया गया है। जिसमें उनसे जुड़ा पूरा विवरण मौजूद रहेगा। इस ऐप व चिप्स वाले परिचय पत्र का निर्माण वीआर सॉफ्टेक स्लॉट के निदेशक विशाल श्रीवास्तव व रणधीर केसरी ने किया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सूबा निरंतर प्रगति की राह पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर वर्ग के छात्र-छात्राओं को कई तरह की सुविधाएं दे रखी हैं, ताकि बच्चे खूब पढ़ें और खूब आगे बढ़ें। इस मौके पर कॉलेज के कर्मी सुशील कुमार सिन्हा, जद यू नेता असगर शमीम, अली अहमद, बबलू कुमार, सुल्तान अंसारी, धंनजय कुमार, इंदू चौहान के अलावा कॉलेज के तमाम शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद थे।
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क्या है डिजिटल शिक्षा
कॉलेज के सचिव व प्राचार्य ने कहा कि 9 अगस्त को पाटलिपुत्रा विवि में एक सेमिनार करके डिजिटल शिक्षा की शुरूआत की गई थी। जिसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन सिंह व ग्रामीण कार्य विभाग एवं संसदीय मंत्री श्रवण कुमार ने संयुक्त रूप से किया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को उच्च तकनीक से जोड़कर वैश्विक स्तर का बनाना था। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं को रजिस्टर्ड कर परिचय पत्र दिया गया है। जिसमें एक चिप्स लगा है। इस चिप्स के माध्यम से छात्र व उसके अभिभावक कॉलेज में शिक्षकों की गतिविधियों व अपने बच्चों के स्टेटस के बारे में घर बैठे जान सकेंगे। यहीं नहीं कॉलेज में कौन से शिक्षक क्या पढ़ा रहे हैं तथा उनके बच्चे कॉलेज में हैं या कहीं और, इसके बारे में भी जानकारी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने से कोई भी छात्र किसी विषय के बारे में विशेषज्ञ से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
