बिहारशरीफ। जिले में राशन कार्ड की संख्या लगभग 3 लाख 80 हजार 303 थी। इस राशन कार्ड से मिलने वाले राशन का लाभ लगभग 21 लाख 10 हजार 253 परिवार ले रहे थे। यह जानकारी सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने दी। उन्होंने बताया कि कुल राशन कार्डों में से 3 लाख 54 हजार 967 का सत्यापन कराया गया था। जिन राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया था उसमें लाभुक परिवारों की संख्या लगभग 19 लाख 52 हजार 502 है। लेकिन सत्यापन के बाद जो फर्जी राशन कार्ड का आंकड़ा है वह अचंभित करने वाला था। जब पूरी पारदर्शिता के साथ राशन कार्ड का सत्यापन जिला आपूर्ति पदाधिकारी रविशंकर उरांव ने कराया तो यह बात सामने आई कि 3 लाख 80 हजार 303 राशन कार्डों में 36 हजार 463 राशन कार्ड फर्जी थे। इन फर्जी राशन कार्डो के सहारे 1 लाख 46 हजार 701 परिवार के खाने लायक राशन की हेराफेरी की जा रही थी। लेकिन अब वह राशन सही लाभुक का पेट भरेगा। डीएम ने कहा कि अभी ऐसे फर्जी राशन कार्डो की संख्या और बढ़ सकती है। यह तभी संभव होगा जब शत-प्रतिशत राशन कार्ड तथा उसके लाभुकों को आधार से जोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में डीएसओ ने बताया कि जब शत-प्रतिशत राशन कार्ड को आधार से ¨लक कर उसको उपभोक्ता संरक्षण विभाग के वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा उसके बाद नूरसराय प्रखंड की तरह अन्य प्रखंडों के उपभोक्ताओं को पॉश मशीन के माध्यम से राशन और किरासन उपलब्ध जन वितरण प्रणाली के दुकानदार उपलब्ध कराएंगे। जब पॉश मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं को सही मात्रा व वाजिब कीमत पर समय पर राशन-किरासन उपलब्ध होने लगेगा तो आए दिन जो शिकायतों का अंबार लगा रहता है उसपर स्थाई रोक लग जाएगी। जन वितरण दुकानदार राशन-किरासन का समय पर उठाव तथा उसका वितरण करेंगे। पॉश मशीन आ जाने से हेराफेरी की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी।

Posted By: Jagran